डॉ. माहौर सच्चे देशभक्त थे-मुन्नालाल गोयल

Feb 27 2022

ग्वालियर। डॉ. भगवानदास माहौर की जयंती समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए बीज निगम के अध्यक्ष मुन्नालाल गोयल ने कहा कि देश को आजाद कराने के लिए लाखों लोग ने बलिदान दिया। लेकिन आजादी के वाद इतिहासकारों ने सिर्फ एक पार्टी के लोगो को ही आजादी के लिए जिम्मेदार माना। यह अन्याय है उन शहीदों के प्रति जिन्होंने देश पर अपने प्राण न्यौछावर किए। सरकार की ओर से उनको उचित सम्मान नहीं मिला,  जिसके वह अधिकारी थे। वर्तमान समय में देश में और देश के बाहर से फिर से देश को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। नए नए तरीके से लोकतांत्रिक व्यवस्था पर आघात किया जा रहा है। इस समय एक बार फिर से पुन राष्ट्रवाद की विचारधारा को सशक्त करने का समय है। सभी वैश्य वर्ग के लोगों को डॉ. भगवानदास माहौर के जीवन से प्रेरणा लेकर संगठित होना चाहिए। जो संगठित नहीं है उनको भुला दिया जाता है। हमें माहौर जी के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। उनका देशभक्ति से ओतप्रोत साहित्य, नाटक हमें प्रेरित करते हैं, उनके विचारों का अधिक से अधिक प्रचार हो, यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रकाश मांडिल ने अपने उद्बोधन में कहा कि डॉ भगवान दास माहौर देश के लिए जीये। स्वतंत्रता के पश्चात भी देश के लिए सतत कार्य करते रहे। कभी हार नहीं मानी। वह बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने साहित्य के साथ कवि, संपादन, नाटककार, प्राध्यापक, ज्योतिषी के मध्याम से जीवन पर्यन्त समाज की सेवा करते रहे। कार्यक्रम के शुभारंभ में उपस्थित सभी अतिथियों ने डॉ माहौर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस मौके पर अशोक बांदिल ने कहा कि डॉ भगवान दास और पंडित चन्द्र शेखर आजाद दोनों के बीच गहरी दोस्ती रही। यह अजब संयोग है की 27 फरवरी भगवानदास का जन्म दिवस है और चंद्रशेखर आजाद की पुण्य तिथि है।
कार्यक्रम में गौरी शंकर गुप्ता, सुरेश गुप्ता अशोक बांदिल, मुकेश गुप्ता, महेश बांदिल, अरुण बंसल, अभिषेक गांगिल, मनीष बांदिल, विनोद गुप्ता पत्रकार, राजकुमार गुप्ता संजय गोयल, रामसेवक गुप्ता, देवेंद्र बांदिल, डॉ. सुरेंद्र, मंजू गोयल, सीएम गुप्ता, राजकुमार माहौर, उमेश गुप्ता, कमल गुप्ता, हरिशंकर सिंघल, आशीष बांदिल, शैलेन्द्र माहौर, अविनाश बांदिल आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।