ऋषभदेव ने लिया गन्ने के रस से पहला आहार

Feb 23 2022

ग्वालियर। फूलबाग मैदान अयोध्या नगरी में मुनिश्री विहर्ष सागर महाराज, मुनिश्री विजयेश सागर महाराज, मुनिश्री विनिबोध सागर व ऐलक  विनियोग सागर महाराज के सानिध्य में पंचकल्याणक महोत्सव में चल रहे जिनबिम्ब प्रतिष्ठा एवं विश्व शांति महायज्ञ में छठवें दिन बुधवार को मुनि ऋषभदेव का प्रथम आहारचर्या हुई। उन्होंने गन्ने के रस से पहली बार आहार लिया। इसके अलावा महोत्सव में ज्ञानकल्याणक भी हुआ। समवशरण में दिव्यध्वनि सुन भक्त भाव विभोर हो गए।
मुनिश्री विहर्ष सागर के सानिध्य एवं प्रतिष्ठाचार्य पं. अजित शास्त्री, सहप्रतिष्ठाचार्य पं. चंद्रप्रकाश जैन, अरविंद जैन, सुनील भडारी शशिकांत शास्त्री, ज्योतिषाचार्य हुकुमचंद जैन के मार्गदर्शन में भगवान पाश्र्वनाथ, धर्मनाथ, वासपूज्य, आदिनाथ सहित अन्य प्रतिमाओं को सूरिमंत्र दिया गया।
प्रसाद बांटने लगाईं चार मशीनें
मुनिश्री को आहारचर्या कराने के बाद भक्तों को भी गन्ने का रस प्रसाद के रूप में वितरित किया गया। इसको लेकर अयोध्या नगरी में गन्ने का रस निकालने के लिए 4 मशीनें लगाई गई थीं। भक्तों को 20 क्विंटल गन्ने का रस वितरित किया गया।
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि मुनि आदिनाथ की दीक्षा के उपरांत आदिकुमार का प्रथम आहार का दिन आता है और मुनिश्री आदिकुमार आहार के लिए हस्तिनापुर नगरी में पहुंचते हैं। जहां लगभग 6 माह तक मुनिश्री आदिकुमार को आहार प्राप्त नहीं होता है फिर छह माह के पश्चात मुनि आदिकुमार की अगवानी के लिए खड़े लोगों ने एक स्वर में बोला हे स्वामी.. नमोस्तु नमोस्तु...अत्रो अत्रो...यह सुनकर मुनि आहार के लिए आ गए। पंडाल में युवराज राजा श्रेयांश सिंघई, विमल-पूजा जैन और राजा सोम आहार देने के लिए तैयार होते हैं और मुनिश्री को आहार कराते हैं।
माया सिंह ने लिया आशीर्वाद
महोत्सव में पहुंचकर पूर्व मंत्री मायासिंह व पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता ने मुनिराजों के चरणों मे श्रीफल भेंटकर आशीर्वाद लिया।