18 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी में फरार केनरा बैंक का मैनेजर पुलिस ने खंडवा से किया गिरफ्तार

Feb 23 2022

ग्वालियर। 18 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में फरार पांच हजार रुपए के इनामी केनरा बैंक के तत्कालीन मैनेजर को क्राइम ब्रांच व विश्वविद्यालय पुलिस ने खण्डवा से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को पकडऩे के लिए पुलिस की कई टीमें पिछले एक माह से देश के कई राज्यों में दबिश दे रही थीं, लेकिन आरोपी पुलिस को चकमा देकर निकल जाता था। दो साल में आधा सैकड़ा ठिकानों पर दबिश दी जा चुकी है। पर गत रात आरोपी के खंडवा में होने का पता चलते ही पुलिस ने घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस अफसर उससे पूछताछ कर रहे हैं।
वर्ष 2017 में क्राइम ब्रांच व विश्वविद्यालय थाने में केनरा बैंक के तत्कालीन मैनेजर सचिन सोनी पुत्र रमेश सोनी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में आरोपी पर 18 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप था। मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी फरार हो गया था और क्राइम ब्रांच व थाना पुलिस आरोपी की तलाश में दबिश दे रही थी। आरोपी को पकडऩे का टास्क पूरा करने के लिए विश्वविद्यालय व क्राइम ब्रांच की दो अलग-अलग टीमें बनाई गईं, जिसमें एएसआई दिनेश सिंह तोमर, प्रधान आरक्षक अजय शर्मा, जितेंद्र सिंह, आरक्षक विकास सिंह, योगेन्द्र सिंह तोमर, पवन झा, रामवीर सगर को शामिल किया गया। टॉस्क मिलते ही पुलिस टीम को आरोपी की लोकेशन चेन्नई में मिली। टीम उसका पीछा करते हुए पहले चेन्नई पहुंची तो आरोपी यहां से भाग निकला। पुलिस लगातार उसका पीछा करती रही। आरोपी पुणे महाराष्ट्र होते हुए खंडवा पहुंचा था। यहां पुलिस ने उसकी समय पर घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आरोपी पर कुल छह मामले दर्ज है, जिसमें एक क्राइम ब्रांच तथा पांच विश्वविद्यालय में दर्ज है।
आरोपी का पीछा करते हुए पुलिस खण्डवा पहुंची तो पुलिस ने आरोपी की पुष्टि के लिए उसके घर की निगरानी कराई, दो दिन की घेराबंदी के बाद जब पुष्टि हो गई कि आरोपी घर पर ही है तो आधी रात को दबिश देकर आरोपी को हिरासत में लिया और तुरंत ही उसे लेकर ग्वालियर के लिए रवाना हुई।
पुलिस पड़ताल में पता चला है कि आरोपी ने मैनेजर रहते समय फर्जी नामों पर 18 करोड़ का लोन फाइनेंस कराया था। इसके बाद जब लोन की जानकारी जुटाई तो पता चला कि मंजूर हुए सभी लोन फर्जी आईडी से निकाले गए हैं और इसका खुलासा होते ही आरोपी फरार हो गया था। आरोपी के फरार होने का पता चलते ही बैंक प्रबंधन ने मामला दर्ज कराया था। 
इस मामले में एएसपी क्राईम राजेश दंडौतिया का कहना है कि पांच हजार रुपए के इनामी बैंक मैनेजर को पकड़ा गया है, आरोपी ने 18 करोड़ रुपए के फर्जी लोन कराए थे। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही अन्य खुलासे हो सकते है।