हमें संत रविदास जी के अनमोल वचनों का अनुशरण करना चाहिए: शेजवलकर

Feb 16 2022

ग्वालियर। संत रविदास जयंती के अवसर पर लक्ष्मण तलैया स्थित हनुमान घाटी पर संत रविदास मंदिर पर सुबह से ही लोगों का आने का सिलसिला प्रारंभ हो गया था। सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, कमल माखीजानी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुनील शर्मा, विधायक डॉ सतीश सिंह सिकरवार सहित अनेक भाजपा और कांग्रेस नेताओं ने संत रविदास को नमन किया और उनके आदर्शो पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसरपर सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने उपस्थित जनों को संबाोधित करते हुए कहा कि संतरविदास जी के अनमोल विचारों का हम सभी को अनुशरण करना चाहिए।उन्होंने घर-परिवार की जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए भगवान की भक्ति की और आपस में प्रम करने की शिक्षा दी।  पूरे देश में संत रविदास बड़े ही उत्साह के साथ मनाई जा रही है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष माघ महीने की पूर्णिमा तिथि पर संत रविदास की जयंती मनाई जाती है।
संत रविदास जी का जन्म माघ पूर्णिमा तिथि के दिन हुआ था। इस दिन संत रविदास के अनुयायी बड़ी संख्या में उनके जन्म स्थान पर एकत्रित होकर भजन कीर्तन करते हैं। रविदास जयंती और माघी पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है। संत रविदास को रैदासजी के नाम से भी जाना जाता है। इनके माता-पिता एक चर्मकार थे। संत रविवास जी बहुत ही धार्मिक स्वभाव के व्यक्ति थे। 
इन्होंने आजीविका के लिए अपने पैतृक कार्य को अपनाते हुए हमेशा भगवान की भक्ति में लीन रहा करते थे। संत रविदास जी, जिन्होंने भगवान की भक्ति में समर्पित होने के साथ अपने सामाजिक और पारिवारिक कर्त्तव्यों का भी बखूबी निर्वहन किया। इन्होंने आपस में प्रेम करने की शिक्षा दी और इसी तरह से वे भक्ति के मार्ग पर चलकर संत रविदास कहलाए। उनकी शिक्षाएं आज भी प्रेरणादायक हैं। 
संत रविदास जयंती के अवसर उनके अनमोल विचार...मन चंगा तो कठौती में गंगा संत रविदास जी के द्वारा कहा गया यह कथन सबसे Óयादा प्रचलित है। जिसका अर्थ है कि अगर मनपवित्र है और जो अपना कार्य करते हुए, ईश्वर की भक्ति में तल्लीन रहते हैंउनके लिए उससे बढ़कर कोई तीर्थ नहीं है।