जिंदा महिला को मृत बताकर रिटायर्ड पटवारी ने हड़पी लाखों रुपए की संपत्ति

Feb 14 2022

ग्वालियर। एक 70 वर्षीय वृद्ध महिला लडख़ड़ाते हुए पुलिस अफसरों के पास पहुंची और बोली- मैं जिंदा हूं अभी। इसके बाद एसएसपी ग्वालियर ने पूछा क्या हुआ है अम्मा तो वृद्ध महिला ने बताया कि मेरे जिंदा होते हुए भी एक रिटायर्ड पटवारी ने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर मेरी लाखों रुपए की प्रॉपर्टी हड़प ली है। पहले अंगुठा लगवाकर दस्तावेज बनवाए फिर इस प्रमाण पत्र का उपयोग कर धोखाधड़ी की है। इस फर्जीवाड़े में गवाही देने वालों के अलावा नोटरीकर्ता, नगर निगम के कुछ लोग भी शामिल है। पुलिस अफसरों ने उसे उसकी शिकायत पर जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मामले की जांच की जा रही है।
फर्जीवाड़ा गोला का मंदिर निवासी नारायणी देवी(70) के साथ हुआ है। उनके पति दीवान सिंह का निधन हो चुका है। उनके तीन बेटे है। उन्होंने एसएसपी अमित सांघी को दिए आवेदन में बताया कि पंडित बिहार कॉलोनी गोला का मंदिर में उनका 1500 वर्गफुट का मकान है। जिसमें नीचे दुकान और ऊपर वह खुद रहती है। यह संपत्ति की वह खुद उत्तराधिकारी है, लेकिन पंडित बिहार कालोनी मे रहने वाली बालीबाई पत्नी भगवान सिंह द्वारा वर्ष 2020 मेंं धोखे से अंगुठा लगवाकर फजी वसीयत तैयार करा ली। नारायणी देवी का आरोप है कि इस पूरे फर्जीवाड़े का षडयंत्र बालीवाई के पति भगवान सिंह द्वारा रचा गया। जो कि पूर्व मे पटवारी रहे हैं। इस फर्जी वसीयत में घासमंडी के रहने वाले नन्हे सिंह और चतुर सिंह ने गवाही दी।
नोटरीकर्ता विधा ताम्बट द्वारा कुटरचित दस्तावेज तैयार कर नोटरी की गई। इसके बाद इस षडयंत्र को सफल बनाने के लिए वसीयत में दर्शयी संपत्ति को हड़पने के लिए उनका फर्जी मृत्यू प्रमाण पत्र 28 अक्टूबर 2010 को नगर निगम से बनवा लिया। जिसमें मृत्यु 5 जनवरी 2001 दर्शयी गई। यह नगर निगम के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ। इसके बाद संपत्ति का नामंातरण भी 5 मार्च 2013 को अपर तहसीलदार मुरार से मिलकर नामांतरण स्वीकार के आदेश पारित करा लिए। जबकि वह अभी जिंदा है और उन्हे मृत बताकर यह फर्जीवाड़े का खेल खेला गया।
नारायणी देवी का आरोप है कि रिटायर्ड पटवारी भगवान सिंह, गवाह नन्हे सिंह, चतुर सिंह और नोटरीकर्ता विद्या ताम्बट द्वारा धमकी दी जा रही है कि इस प्रकरण के विरूद्ध कोई कार्रवाई की तो तुम्हारे तीनों बेटों को झूठे प्रकरण दर्ज कराकर फंसा देेगे। यही नहीं जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है।
ऐसे खुला फर्जी वाड़े का राज
नारायणी बाई के बेटे आनंद तोमर ने बताया कि उनके भतीजे ने कियोस्क सेंटर खोला है। एक दिन ऑनलाइन अपनी संपत्ति के खसरे देख रहे थे। पहले गांव की जमीन का खसरा देखा तो वो ठीक था। शिवपुरी का प्लॉट देखा तो वो भी ठीक था। इसके बाद जब इस संपत्ति का खसरा देखा तो उसमें मां नारायणी बाई को मृत बताकर बालीवाई का नाम था। यह देखकर वह दंग रह गए। जब मालूम किया तो इस फर्जी वाडे का पता चला। अब इस मामले मेंं एसएसपी और सीएसपी से शिकायत की है। उन्होने आश्वासन दिया है कि दोषी पर कार्रवाई करेगे।
इस मामले में एसएसपी अमित सांघी का कहना है कि महिला और उनके बेटों ने शिकायती आवेदन दिया है। जिसमें बताया गया है कि फर्जी मृत्यू प्रमाण पत्र बनाकर उनकी संपत्ति को हड़पा गया है। मामले की जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा। उस पर कार्रवाई होगी।