उच्च स्तर की हो विवेचना, अपराधी न बचे

Jan 31 2022

ग्वालियर। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अपराध अनुसंधान विभाग जीपी सिंह ने पुलिस कंट्रोल रूम सभागार में ग्वालियर- चंबल जोन के पुलिस अधीक्षकों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि किसी भी अपराध में विवेचना उच्च स्तर की होनी चाहिए। उच्च स्तर की विवेचना होने से अपराधी को बचने का कोई मौका नहीं मिलेगा और उन्हें सजा भी मिलेगी। साथ ही उन्होंने न्यायालय के लंबित वारंट की जिलावार समीक्षा की। उन्होंने वांरटों के लंबित होने का कारण जाना। बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अनिल शर्मा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित सांघी उपस्थित थे।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने कहा कि समंस और वारंट की तामील को लेकर न्यायालय बहुत ही गंभीर है। इसलिए वारंट और समंस की शतप्रतिशत तामील होनी चाहिए। वारंट के बाद भी कोई पेशी पर उपस्थित नहीं हो रहा है तो उसके खिलाफ दण्डात्मक कार्रवाई की जाए। अन्य जिलों में स्थानान्तरित हो चुके पुलिसकर्मियों के समन वारंट उस जिले के एसपी को पत्र भेजकर तामील कराए जाएं। बैठक में उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में संधारित किए गए समन वारंट रजिस्टर का पुलिस अधीक्षक द्वारा समय-समय पर अवलोकन किया जाए। लंबित समंस-वारंट की तामीली के लिए संबंधित को निर्देशित किया जाना चाहिए। वारंट अदम तामील न जाए इसके लिए यथासंभव प्रयास करने की आवश्यकता है। बैठक में उन्होने कहा कि समंस-वारंट प्राप्त होते ही उनकी तामीली के ईमानदारी से प्रयास किए जाने चाहिए तथा उन्हें अनावश्यक लंबित न रखा जाए। इस अवसर पर उन्होने समन वारंट की तामीली अधिक से अधिक किए जाने के लिए पुलिस अधीक्षकों से सुझाव भी मांगे, जिससे समन वारंट शतप्रतिशत नियत दिनांक से पूर्व तामील कराए जा सकें। पुलिस अधीक्षकों ने कहा कि वे अपने-अपने जिले के कोर्ट मोहर्रर एवं कोर्ट मुंशियों की भी प्रतिमाह बैठक लेकर समन वारंट की समीक्षा करेंगे।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने कहा कि चिन्हित अपराधों की विवेचना उच्च स्तर की होनी चाहिए, जिससे आरोपी बच न सके और उसे सजा दिलाई जा सके। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि डीएनए रिपोर्ट की वजह से कोई प्रकरण अनावश्यक लंबित न रखा जाए। यदि किसी प्रकरण में डीएनए रिपोर्ट की शीघ्र आवश्यकता है तो पुलिस मुख्यालय को पत्र लेख कर प्राथमिकता के आधार पर डीएनए रिपोर्ट प्राप्त की जाए। अति पुलिस महानिदेशक ने क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला (आरएफएसएल) ग्वालियर तथा जोनल अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) का निरीक्षण किया तथा उनके द्वारा उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिये। आरएफएसएल ग्वालियर में स्थापित होने वाली डीएनए लैब का भी निरीक्षण किया गया, इस दौरान आरएफएसएल प्रभारी डॉ. अखिलेश भार्गव व अन्य वैज्ञानिक व अधिकारीगण उपस्थित रहे।