मोरक्को की फादवा और ग्वालियर के अविनाश की मोहब्बत पर लगी प्रशासन की मुहर
Jan 20 2022
ग्वालियर। मोरक्को की छात्रा फादवा लैमाली और ग्वालियर के अविनाश दौहरे को विवाह प्रमाण पत्र मिल गया। एडीएम एचवी शर्मा ने खुुद दोनों को विवाह प्रमाण पत्र प्रदान कर शुभकामनाएं दीं। मोरक्को की फादवा यहां निजी कालेज में पढ़ती है और ग्वालियर के ही अविनाश से विवाह करने के लिए दोनों ने सहमति के साथ कलेक्ट्रेट स्थित एडीएम कोर्ट में आवेदन दिया था। विशेष विवाह अधिनियम के तहत दोनों को प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। पहले मोरक्को से एनओसी नहीं आई थी लेकिन यह आते ही प्रमाण पत्र मिल गया।
जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार अविनाश दौहरे और फादवा लैमाली निवासी मोरक्को ने पिछले साल अक्टूबर माह में विशेष विवाह अधिनियम के तहत आवेदन पत्र पेश किया था। इसके बाद प्रशासन ने प्रक्रिया का पालन किया और एक माह के लिए समाचार पत्र में विज्ञप्ति जारी कराई। इसके साथ ही एनओसी के लिए थाना प्रभारी माधौगंज और तहसीलदार से पत्र मांगे गए। फादवा के मोरक्को का होने के कारण मोरक्को उच्चायोग से एनओसी के लिए संपर्क किया गया। सभी जगह से एनओसी आने के बाद विवाह प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। दोनों आवेदकों ने अपने अपने गवाह भी पेश किए जिनके हस्ताक्षर के बाद प्रमाण पत्र मिला। ज्ञात रहे कि पहले इस मामले में मोरक्को से एनओसी नहीं जारी की गई थी इसी कारण विवाह प्रमाण पत्र जारी करने में देर हुई।
यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं अविनाश, फादवा मैनजमेंट की पढ़ाई
अविनाश एक ऑनलाइन कंसल्टिंग कंपनी में काम करने के साथ ही यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं और फादवा ने ग्वालियर आकर एक निजी यूनिवर्सिटी से मैनेजमेंट की पढ़ाई करना शुरू कर दिया है। दोनों ने बताया कि वे हिंदू या इस्लामिक रीति-रिवाज से अब अलग से कोई शादी नहीं करेंगे। कोर्ट मैरिज ही इनकी फाइनल शादी है।
कनाडा की महिला को भी मिला था प्रमाण पत्र
हाल ही में कनाडा की महिला का मामला भी सुर्खियों में आया था। यहां आकर महिला ने शिकायत की थी कि उसका विवाह प्रमाण पत्र नहीं बन रहा है। वह एक साल से परेशान है। इसके बाद अधिकारियों ने संज्ञान लेकर कनाडा से एनओसी मंगवाई और प्रक्रिया आगे बढ़वाई। आखिरकार, महिला को तीन से चार दिन में विवाह प्रमाण पत्र मिल गया। फिर वह कनाडा के लिए रवाना हुई।
ऐसे मामलों में लिया जाता है शपथ पत्र
मप्र में पिछले साल लाए गए मप्र धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक- 2021 के तहत लड़का या लड़की हिंदू मुस्लिम होने की स्थिति में कलेक्ट्रेट के एडीएम कोर्ट में शपथ पत्र लिया जाता है। लड़का और लड़की दोनों को यह शपथ पत्र देना होता है कि वह न तो खुद धर्म परिवर्तन करेंगे न धर्म परिवर्तन करने के लिए प्रेरित करेंगे। यह शपथ पत्र देने के बाद ही आवेदन स्वीकृत होता है।
संपादक
Rajesh Jaiswal
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