महिला को कोविड बताया गया था, पर मौत से चंद घंटे पहले लिए गए सैंपल में निकली निगेटिव

Jan 16 2022

ग्वालियर। तीन दिन पहले कोविड संक्रमित महिला की मौत में नया मोड़ आया है। मौत से चंद घंटे पहले लिए गए सैंपल की रिपोर्ट में वह निगेटिव आई है। मतलब मौत से पहले वह कोरोना पॉजिटिव नहीं बल्कि निगेटिव थी। हालांकि आईसीएमआर पहली रिपोर्ट के बाद 7 दिन तक पेशेंट को संक्रमित ही मानता है। पर परिजन का कहना है कि वर्षा को कोविड नहीं था। उसकी मौत की बजह कोरोना नहीं बल्कि उसके इलाज में लापरवाही या कोई चूक रही है। वर्षा की मौत के बाद उसके घर में पांच सदस्यों और दो दिन के बेटे का भी सैंपल लिया गया है। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
यह है पूरी घटना
ग्वालियर के डबरा स्थित गोमतीपुरा निवासी अशोक उर्फ नीतेश गुप्ता दिल्ली में एक मल्टी नेशनल कंपनी में जॉब करते हैं। नीतेश की एक साल पहले डबरा निवासी 25 वर्षीय वर्षा गुप्ता से शादी हुई थी। शादी के बाद दोनों काफी खुश थे। वर्षा, पति के साथ ही दिल्ली चली गई थी। इसके बाद वह प्रेग्नेंट हो गई। दीपावली नीतेश और वर्षा अपने घर आए थे। वर्षा सात माह की गर्भवती थी इसलिए इस बार नीतेश उसे यहीं ससुराल में ही छोड़ गया जिससे उसकी अच्छे से देखभाल हो सके। परिजन ग्वालियर के केआरएच (कमलाराजा हॉस्पिटल) में लेकर वर्षा को डिलीवरी के लिए पहुंचे थे। यहां डिलीवरी से पहले उसका रैपिट एंटीजन टेस्ट कराया गया, जिसमें वह कोरोना संक्रमित निकली थी, जबकि उसे न जो खांसी थी न जुकाम। उसने सीजर के बाद एक सुंदर से बेटे को जन्म दिया। शादी के एक साल बाद गुप्ता परिवार में चिराग के जन्म पर खुशियां मनने लगीं। कोविड पेशेंट होने के चलते बेटे को उसकी मां से दूर रखा जा रहा था। बेटे के जन्म के दो दिन बाद अचानक वर्षा की हालत बिगडऩे लगी। अचानक उसका ब्लड प्रेशर का स्तर नीचे जाने लगा। उसकी सांसे उखडऩे लगीं। डॉक्टरों ने उसे निगरानी में ले लिया, लेकिन शाम को उसने दम तोड़ दिया। जो गुप्ता परिवार दो दिन पहले तक बेटे के जन्म पर खुशियां मना रहा था वो अब सदमें में हैं।
रिपोर्ट से खुलासा मौत से पहले ही हो गई थी निगेटिव
वर्षा की शाम को मौत हुई थी, लेकिन दोपहर में जब वह स्वस्थ्य थी तो डॉक्टरों ने उनका फिर से कोविड टेस्ट कराया था। जिसकी रिपोर्ट वर्षा की मौत के बाद आई थी। रिपोर्ट में लिखा था कि आपका सैंपल निगेटिव है। पर आप अपना ख्याल रखें। अब परिजन का कहना है कि वर्षा की मौत कोविड से नहीं हुई है। क्योंकि मौत के पहले लिए गए सैंपल में साफ हो गया है। परिजन का यह भी कहना है कि उनकी बहू की मौत को कोविड से मौत बता दिया गया है, लेकिन दोपहर तक वह एक दम सही थी पर अचानक उसकी हालत बिगडऩे लगी और शाम को उसने दम तोड़ दिया। अस्पताल में कोई लापरवाही या चूक हुई है।
वर्षा गुप्ता की मौत हो जाने से स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया था। घटना के अगले दिन वर्षा के पति नीतेश उर्फ अशाोक गुप्ता, उसके सास-ससुर और दो ननद सहित कुल पांच लोगों के सैंपल लिए गए थे। यह पांचों लोग डिलीवरी के समय से लेकर दो दिन तक उसके आसपास ही थे। इन सभी की रिपोर्ट भी निगेटिव आई है।