ब्यक्ति का चरित्र ही उसे महान बनाता है-शास्त्री

Jan 06 2022

ग्वालियर। बालाजी दरबार पारदी मोहल्ला में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजित चल रहा है। श्रीमद्भागवत कथा के पांचवे दिन गुरुवार को कथावाचक भागवताचार्य पं.घनश्याम शास्त्री ने कहा कि गोबर्धन की हम करते है गो माने इंद्रियां ओर धन माने खजाना इंद्रियों के खजाने पर अपना काबू पा लिया बहि गोबर्धन की पूजा है। ब्यक्ति का चरित्र ही उसे महान बनाता है। भगवान श्रीकृष्ण के लीलाओं के बारे में बताया श्रीकृष्ण लीला का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा श्रोताओं को प्रेम, वात्सल्य और भक्ति रस में मंत्र मुग्ध कर दिया कन्हैया जैसी लीला मनुष्य क्या कोई अन्य देव नहीं कर सकता लीला और क्रिया में अंतर होता है, भगवान ने लीला की है जैसे जिसको कर्तव्य का अभिमान तथा सुखी रहने की इच्छा हो तो वह क्रिया कहलाती है जिसको न तो कर्तव्य का अभिमान है और न ही सुखी रहने की इच्छा हो बल्कि दूसरों को सुखी रखने की इच्छा को लीला कहते हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने यही लीला की जिससे सभी गोकुलवासी सुखी थे। उन्होंने कहा कि माखन चोरी का रहस्य मन की चोरी से है कन्हैया ने अपने भक्तों के मान की चोरी की है इस प्रकार उन्होंने तमाम बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए बैठे श्रोताओं को वात्सल्य प्रेम में सराबोर कर दिया तत्पश्चात पूतना वध,गोवर्धन लीला के बारे में बताया उन्होंने गोवर्धन पूजा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किस प्रकार गोवर्धन पर्वत को उठाकर भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र देव के कोप से गोकुल वासियों की रक्षा की थी इसके अलावा कथावाचक शास्त्री ने बताया कि कैसे बाल गोपाल ने अपनी अठखेलियों से अपने बाल स्वभाव के तहत मंद-मंद मुस्कान व तुतलाती भाषा से सबका मन मोह रखा थायहीं पर भगवान श्रीकृष्ण ने द्वापर युग में ब्रजवासियों को इन्द्र के प्रकोप से बचाने के लिये गोवर्धन पर्वत अपनी कनिष्ठ अंगुली पर उठाया था। गोवर्धन पर्वत को भक्तजन गिर्रिाज जी भी कहते हैं। सदियों से यहां दूर-दूर से भक्तजन गिरिराज जी की परिक्रमा करने आते रहे हैं। यह 7 कोस की परिक्रमा लगभग 21 किलोमीटर की है। उन्होंने अंत मे कहा कथा व्यास ने बताया कि सच्चे मन से याद करने पर भगवान नंगे पैर दौड़ते आते हैं भागवत कथा सुनने मात्र से ही जीवन के सारे पाप नष्ट होकर स्वर्गलोक प्राप्त करता है तथा सुंदर-सुंदर झांकीयो के दर्शन कराए गए कथा आयोजक महंत नरेंद्र मिश्रा ने सभी को बधाई दी।