रात में बूंदाबांदी, दिन में बारिश गिरने से अचानक ठंड बढ़ गई

Jan 06 2022

ग्वालियर। राजस्थान में बने चक्रवातीय घेरे का असर दिखाई देने लगा है। रात भर बूंदाबांदी का दौर जारी रहा। इसके बाद सुबह से तेज बारिश शुरू हो गई है। गुरुवार को सुबह से ही बादल व कोहरे ने सूरज को ढंक लिया, जिससे धूप नहीं निकली। इससे दिन में ठंड बढ़ेगी। दिन में गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश के कारण अचानक ठंड बढ़ गई और न्यूनतम तापमान 11.3 डिसे तक पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार 6 से 8 जनवरी के बीच ग्वालियर सहित पूरे अंचल में झमाझम बारिश के साथ ओलावृष्टि के आसार है। घना कोहरा भी छा सकता है। दिन में सूरज नहीं निकलने से अधिकतम तापमान में गिरावट आएगी और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस बार का पश्चिमी विक्षोभ काफी शक्तिशाली है, जिसके चलते बारिश सिलसिला चार दिनों तक जारी रह सकता है। 10 जनवरी तक बादल छाए रह सकते है।
पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान के ऊपर ट्रफ लाइन के रूप में सक्रिय था। 24 घंटे में यह जम्मू कश्मीर पहुंच जाएगा। पश्चिमी विक्षोभ के असर से दक्षिण पश्चिमी राजस्थान में चक्रवातीय घेरा विकसित हो गया है। जैसे ही पश्चिमी विक्षोभ जम्मू कश्मीर पहुंचेगा, वैसे ही राजस्थान का चक्रवातीय घेरा काफी मजबूत हो जाएगा। कोहरे के साथ ठंड रह सकती है। शीतलहर के भी आसार रहेंगे।
राजस्थान के आसपास के इलाकों में चक्रवातीय घेरे का ज्यादा असर है। ग्वालियर-चंबल संभाग ज्यादा प्रभावित रहेगा। 6 से 8 जनवरी के बीच ग्वालियर सहित पूरे अंचल में झमाझम बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि के आसार हैं। 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की गति से आंधी भी चल सकती है। कहीं-कहीं बिजली गिरने के आसार हैं।बारिश से हवा में पर्याप्त नमी आएगी। इससे रात व दिन में मध्यम से घना कोहरा भी छा सकता है। दिन का तापमान घटने से शीतल दिन का अहसास हो सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार इस बार ठंड का दौर काफी कड़ाके भरा रह सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण जम्मू कश्मीर में भारी बर्फबारी हो चुकी है। पश्चिमी विक्षोभ गुजर जाने के बाद हवा का रुख उत्तर से पश्चिमी होगा और आसमान भी साफ होगा। इससे रात के तापमान में तेजी से गिरावट आएगी। 11 जनवरी से हाड़ कंपाने वाली ठंड की शुरुआत होगी। संक्राति पर कड़ाके की ठंड हो सकती है।
जलभराव से बढ़ी परेशानी
इधर शहर में कल रात से लेकर गुरुवार सुबह तक खासी बारिश हो चुकी है। इस कारण से शहर की सड़कों का बुरा हाल है। कई प्रमुख चौराहों पर जल भराव होने से वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।