राजा मानसिंह तोमर संगीत एवम कला विश्विद्यालय में दो दिवसीय व्याख्यान एवं सेमिनार का आयोजन हुआ

Jan 04 2022

ग्वालियर। राजा मानसिंह तोमर संगीत एवम कला विश्विद्यालय के नाट्य एवम रंगमंच संकाय में फि़ल्म विषय पर दो दिवसीय व्याख्यान एवं सेमिनार का आयोजन हुआ। जिसमें प्रसिद्ध फिल्म एवं कला समीक्षक अजित राय द्वारा व्याख्यान दिया गया। व्याख्यान का विषय भारतीय सिनेमा के विविध रंग था। जिसमें अजित राय ने भारतीय सिनेमा से जुड़ी कई बातें विद्यार्थियों को बताई। उन्होंने बताया भारतीय सिनेमा की अपनी सीमाएं है और पाश्चात्य सिनेमा अपनी। सिनेमा लगभग सन 1896 में मुम्बई पहुँच चुका था और मुम्बई के कालगुडा इलाके में वाटसन होटल में लुमिअस ब्रदर्स ने अपना सिनेमा का पहला शो चलाया और उसी शो में दादा साहब फाल्के जी उपस्थित थे। उससे उनको ये प्रेरणा मिली कि हम हिंदुस्तान में अपना खुद का सिनेमा कैसे बनाये उसके बाद उन्होंने हिन्दुस्तान की पहली मूक फि़ल्म "राजा हरिश्चंद्र" सन1913 में प्रस्तुत की और बताया कि भारत का फिल्मो का स्वर्ण दशक 1960 से आरंभ हुआ। भारत मे एक साल में 2 से 2500 तक फिल्मे बनाई जाती है। जिसमे कई फिल्में दर्शको द्वारा सहराई जाती है व कई फिल्में दर्शको द्वारा नकार दी जाते है। देश व विदेश में कई फि़ल्म फेस्टिवल होते है। अजित राय ने हॉलीवुड फिल्मों के बारे में विद्यार्थियों को परिचित कराया और बताया कि भारतीय फिल्म अभी हॉलीवुड फिल्मों ने कई साल पीछे है। 
साथ ही व्याख्यान में कुलपति प. साहित्य कुमार नाहर, प्रभारी कुलसचिव डॉ. सुनील पावगी, डॉ. रंजना टोंटपे (विभागाध्यक्ष संगीत विभाग), चंद्रप्रताप सिंह सिकरवार (सदस्य कार्यपरिषद) उपस्थित रहे कार्यक्रम का संयोजन, डॉ. हिमांशु द्विवेदी (विभागाध्यक्ष नाट्य एवम रंगमंच संकाय) ने किया इस अवसर पर नाट्य एवम रंगमंच के सभी विद्यार्थी व्याख्यान में उपस्थित रहे।