जोश में 'टीनएजर्सÓ खुशी- खुशी लेने पहुंचे खुराक

Jan 03 2022

ग्वालियर। टीनएजर्स के वैक्सीनेशन के पहले दिन स्कूली बच्चों का अच्छा रिस्पोंस मिला है। स्कूलों में बनाए गए वैक्सीनेशन सेंटर पर सुबह 9 बजे से पहले ही बच्चों की भीड़ एकत्रित हो गई थी। टीका लगाना शुरू हुआ तो पहले एक घंटे में ही 2 हजार से ज्यादा बच्चों को टीका लग चुका था। दोपहर 12 बजे तक 3232 का आकंडा पार हो गया था।
वैक्सीन को लेकर टीनएजर्स में उत्साह देखते ही बन रहा था। वैक्सीन लगवाने वाले किशोर अवस्था बच्चों ने कहा है कि हमने वैक्सीन लगवा ली है और हमारी सलाह है ऐसे बच्चे जिनके मन में डर झिझक है तो वह सब कुछ भूलकर वैक्सीन लगवाएं। यही कोरोना से बचाव का आखिरी विकल्प है।
सुबह से ही स्कूलों में रहा उत्साह
टीकाकरण को लेकर बच्चों में पहले दिन काफी उत्साह नजर आया है। सुबह 9 बजे वैक्सीनेशन शुरू होना था, लेकिन उससे पहले ही स्कूल के ग्राउंड में वैक्सीनेशन को लेकर छात्रों की लाइन लग गई। वैक्सीनेशन सेंटर पर पहले ही टीम मौजूद थीं। छात्र-छात्राओं को ऑन स्पॉट रजिस्ट्रेशन शुरू किए गए। इसके बाद ठीक 9 बजे से टीका लगना शुरू किए गए हैं। मुरार के उत्कृष्ण शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पहले एक घंटे में 250 से ज्यादा बच्चों को वैक्सीन लग चुकी थी। बच्चे वैक्सीन लगवाने के बाद काफी खुश नजर आ रहे थे। इस स्कूल में सबसे पहला टीका 12वीं की छात्रा 17 वर्षीय प्रिया को लगा था। जब प्रिया से बात की तो उसका कहना था कि उसने वैक्सीन कोरोना वायरस से बचाव के लिए लगवाया है। सभी को वैक्सीन लगवानी चाहिए।
ऑन स्पॉट ही हुए रजिस्ट्रेशन
वैसे तो स्वास्थ्य विभाग ने कोविन एप पर भी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और स्लॉट बुक करने की व्यवस्था रखी थी, लेकिन 95 फीसदी बच्चों ने स्कूल पहुंचकर ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन ही कराए हैं। जिसके बाद उनको वैक्सीन लग सकी है। दोपहर 12 बजे तक 3232 को वैक्सीन लग चुकी थी।
कई सेंटर पर देर से पहुंची टीम
शहर और देहात के 240 स्कूलों को वैक्सीनेशन सेंटर बनाया गया था, लेकिन एक दर्जन से ज्यादा स्कूल ऐसे थे जहां सुबह देरी से वैक्सीनेशन टीम पहुंची हैं। उन स्कूलों के नाम लिस्टेट करके कलेक्टर ग्वालियर को भेजे जा रहे हैं। जहां दल समय पर नहीं पहुंचे हैं वहां कार्रवाई की जाएगी।
पहले दिन 40 हजार डोज लगाने का टारगेट
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के अनुसार 15 से 18 वर्ष तक के बच्चों को कोरोना वैक्सीन के प्रथम डोज के टीके लगाने के लिये जिले के शहरी क्षेत्र में 120 और इतने ही टीकाकरण केन्द्र ग्रामीण क्षेत्र में बनाए गए हैं। टीकाकरण के लिए शहरी क्षेत्र में 220 और ग्रामीण क्षेत्र में 120 टीमें तैनात की गई हैं। जिले में 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के लगभग एक लाख 42 हजार बच्चे हैं, जिन्हें टीके लगाए जायेंगे। इनमें से 40 हजार बच्चों को पहले दिन टीके लगाने का लक्ष्य रखा गया था।
टीका के बाद 30 मिनट रखी गई निगरानी
बताया गया है कि स्कूलों में वैक्सीनेशन के साथ ही वेटिंग रूम भी बनाए गए हैं। जिन बच्चों को टीका लगाया गया उनको 30 मिनट तक इसी वेटिंग रूम में रोककर रखा गया। यहां डॉक्टर व स्वास्थ्य विभाग का दल तैयार रहा। जिससे हर स्थिति से निपटा जा सके। इतना ही नहीं 30 मिनट बच्चों पर निगरानी के बाद उन्हें घर जाने दिया गयाा।
पहले कराया नाश्ता फिर लगाई वैक्सीन
स्कूलों में बच्चों के वैक्सीनेशन की विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। सभी सेंटरों पर निर्देश दिए गए थे कि कोई भी बच्चा बिना नाश्ता टीका न लगवा सके। इसको लेकर सभी स्कूलों में बच्चों के लिए नाश्ता मंगाया गया था। जिस क्लास के बच्चाों को टीका लगना था उस क्लास में जाकर पहले शिक्षकों ने पूछा कि कौन नाश्ता करकर नहीं आया है। जो बच्चे बिना नाश्ते के स्कूल पहुंचे थे उन्हें सबसे पहले नाश्ता कराया गया। इसके बाद क्लास के बच्चों को एक हॉल में बैठाया गया फिर उन्हें एक-एक कर रजिस्ट्रेशन के लिए भेजा गया। रजिस्ट्रेशन के बाद विद्यार्थियों को टीके लगे। टीका लगने के बाद विद्यार्थियों को गोली देकर एक कमरे में 15 मिनट तक बैठाया गया। किसी भी स्कूल से किसी भी छात्र को टीकाकरण के बाद कोई परेशानी नहीं हुई।