संस्कारों की सीख देने वाली भाजपा के सांसद ने जूते पहनकर किया दीप प्रज्जवलन

Dec 27 2021

ग्वालियर में सोमवार को एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो तानसेन समारोह के मंच का है। जिसमें ग्वालियर सांसद विवेक नारायण शेजवलकर बिना जूते उतारे सरस्वती मां की मूर्ति के सामने दीप प्रज्जवलित करते नजर आ रहे हैं, जबकि पास ही खड़े प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया नंगे पैर नजर आ रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो आते ही धर्म की रक्षा की दुहाई देने, संस्कारों का पाठ पढ़ाने वाली भाजपा के सांसद पर चर्चा जोर पकडऩे लगी है। इतना ही नहीं सांसद से कुछ दूरी पर भाजपा जिलाध्यक्ष शहर कमल माखीजानी भी बिना जूते उतारे खड़े नजर आ रहे हैं। कमल तो बिना जूते उतारे अखंड रामायण में भी आतरी करते हुए पहले ही सोशल मीडिया पर ट्रोल हो चुके हैं।
यह है पूरा मामला
रविवार शाम को तानसेन समारोह का एक वीडियो  सोमवार सुबह से सोशल मीडिया पर चर्चित हो रहा है। वीडियो तानसेन समारोह के शुभारंभ अवसर का है। जब मंच पर मां सरस्वती के सामने दीप प्रज्जवलन कर रहे थे तो मुख्यमंत्री से लेकर केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रदेश की संस्कृति मंत्री ऊषा ठाकुर सभी नंगे पैर इस पूजा में शामिल हुए। पर वीडियो में ग्वालियर के सांसद व वरिष्ठ भाजपा नेता विवेक नारायण शेजवलकर जब दीप प्रज्जवलन कर रहे हैं तो वह जूते पहने हुए हैं। कुछ नेता संस्कारों को ही ताक पर रख देते हैं। हिन्दू धर्म की परंपरा पर भरोसा करें तो लोग जूते पहनकर किसी भी पूजा पाठ में शामिल नहीं होते है, लेकिन भाजपा नेता ऐसा करते अक्सर देखे जा सकते हैं। रविवार को भी तानसेन समारोह में यह नजारा देखने को मिला। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब चर्चित हो रहा है। अब इसमें कोई भी भाजपा नेता कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। इतना ही नहीं सांसद से कुछ दूरी पर भाजपा के जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी भी बिना जूते उतारे खड़े नजर आए हैं। यह उनका पहला मौका नहीं है इससे पहले भी वह जूते नहीं उतारने के लिए ग्वालियर में चर्चित रहे हैं।
जिलाध्यक्ष की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले पड़ाव स्थित एक होटल में भाजपा के कार्यक्रम में सुंदरकांड पाठ में भाजपा जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी ने जूते पहनकर ही पूजा में भाग लिया था। वो वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था, फिर भी जिलाध्यक्ष ने इससे कोई सबक नहीं लिया।