सृष्टि का कल्याण करने आधी रात को धरती पर जन्में प्रभू यीशु

Dec 25 2021

ग्वालियर। सृष्टि का कल्याण करने आधी रात को धरती पर जन्में प्रभू यीशु का जन्मोत्सव क्रिसमस शहर के सभी गिरजाधरों में धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान शहर के सभी चर्च में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गई। क्रिसमस पर्व की शुरूआत प्रभु यीशु के जन्म के साथ हुई। इस बार भी कोविड के चलते शहर के सभी गिरजाघरों में रात 12 बजे की जगह 7 बजे प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। जिसमें कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए सभी कार्यक्रम 10 बजे तक समाप्त कर लिए गए। शहर के गिरजाघरों में लोगों ने सपरिवार पहुंच कर यीशु के जन्मोत्सव में भाग लिया और चरणी में बालक यीशु के दर्शन किए। इस दौरान क्रिसमस की एक-दूजे को बधाई देने का सिलसिला रात तक चलता रहा।
प्रभू यीशु के आगमन पर सभी ईसाई समाज ने कैंडल जलाकर उनके मार्ग को रोशन करते हुए एक दूसरे को बधाई दी। ईसाई समाज के वरिष्ठ स्वयंसेवक एडवोकेट राजू फ्रांसिस ने जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार को धर्माम्बलंवियों ने गिरजाघर में एकत्रित होकर प्रभू के आगमन की खुशी में प्रार्थना की, विदित हो कि क्रिसमस ईसाई समुदाय का सबसे बड़ा त्योहार है, जो ईसा मसीह के जन्मदिन के रुप में मनाया जाता है। मान्यता है कि आज से हजारों साल पहले नासरत में ग्रेबियल नामक एक स्वर्गदूत ने मरियम को दर्शन दिया था और कहा था तू पवित्र आत्मा की ओर से गर्भवती होगी और एक पुत्र को जन्म देगी, जिसका नाम यीशु होगा। क्रिसमस पर तारे का भी बहुत महत्व है, क्योंकि इसी तारे ने ईश्वर के बेटे यीशु मसीह केजिला शिक्षा अधिकारी ग्वालियर धरती पर आगमन की सूचना दी थी। क्रिसमस त्योहार की तैयारी में चर्चो के साथ घरों के साज सज्जा करने की व्यवस्था एक माह से की जा रही थी। लोगो ने अपनें घरों के बाहर स्टार लगाए तथा उनकी छाया चित्र भी बनाई। यीशु के आने की खुशी में ईसाई समाज के लोगों ने विशेष पकवान खासकर केक तैयार कर आपस में मिल बांट कर खाया। वहीं प्रार्थना घरों में प्रभु यीशु के त्याग, बलिदान एंव दया के संदेशों का स्मरण किया गया तथा ईसाई समाज ने मानव कल्याण के लिए प्रभु का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। आल इंडिया कैथोलिक यूनियन के नेशनल सेक्रेटरी डेनियल फ्रांसिस ने बताया कि इस दौरान फालका बाजार चर्च और संत पाल गिरजाघर मुरार सहित शहर के सभी गिरजाघरों में यीशु का जन्मोत्सव बडे ही हर्षोउल्लास एंव उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गई। और गिरजाघरों में आकर्षक सजावट की गई।
यीशु के जन्मोत्सव के लिए शाम ढलते ही गिरजाघरों में तैयारियां शुरू हो गई। शाम 7 बजे सेंट जान कैथेड्रल चर्च फालका बाजार और संत पाल गिरजाघर मुरार में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन हुआ। जिसमें ग्वालियर धर्म प्रांत के धर्म अध्यक्ष जोसेफ थाई का टेल पल्ली पुरोहित, फादर जोसेफ चिप्सन सहायक पल्ली पुरोहित, फादर पवन देव द्वारा प्रार्थना की गई। वंही संत पाल चर्च, मुरार में फादर मार्टिन पल्ली पुरोहित, फादर पाईस सहायक पल्ली पुरोहित एवं फादर अंटोनी स्वामी ने क्रिसमस की मिस्सा बलिदान अर्पित की। जिसके बाद प्रभु यीशु के जन्म का स्मरण किया गया और बालक यीशु को गौशाला की चरणी में प्रतीकात्मक स्वरूप इस विश्वास के साथ रखा गया की आज प्रभु यीशु मसीह जन्मे है। इसके साथ ही धर्म अध्यक्ष ने अपना क्रिसमस का संदेश दिया। साथ ही कैरोल गीत गाए गए और प्रभु यीशु के जन्म की घोषणा हुई। इस दौरान ईसाई समाज के लोगों ने तारों के देश में उंचे आकाश में, गाकर प्रभु यीशु के जन्म की खुशी मनाई। साथ ही अन्य गीत "पैदा हुआ मेरा मसीहा बोलो जय" "देखो चरनी में यहूदर नगरी में, तुम्हारे लिए चमका सितारा बड़ा दमका" आदि गीत गाकर खुशी मनाई गई। तत्पश्चात सभी लोगो नें चरणी में प्रभु यीशु के दर्शन कर एक दूसरे को क्रिसमस की शुभकामनाएं दी। 
शनिवार 25 दिसंबर को प्रात: 9 बजे से शहर के अन्य सभी चर्चों में प्रार्थना सभा की गई। जिसमें प्रमुख रूप से ईएलसी चर्च पढ़ाव, यू सीएनआई चर्च मुरार, बिलीवर्स असेंबली चर्च सीपी कालोनी, गिरगांव चर्च नेहरू नगर, विक्ट्री चर्च, मार्थोमा चर्च सरस्वती नगर, कार्मेल आश्रम चर्च सिकंदर कंपू, गुड शेफर्ड चर्च महाराजपुरा में प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया इसमें प्रभु यीशु के जन्म की जानकारी कैरोल के गीत और उसके पश्चात सभी एक दूसरे को क्रिसमस की बधाइयां दी।