मानसिक और आध्यात्मिक बल भी प्रदान करता है सूर्य नमस्कार-चाकणकर

Dec 22 2021

ग्वालियर। सूर्य नमस्कार न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य प्रदान करता है बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक बल भी प्रदान करता है। सूर्य नमस्कार के 12 आसन हमारे पूरे शरीर के आतंरिक और बाहरी अंगों को स्वस्थ और निरोगी बनाए रखते हैं। उपरोक्त उदगार जिला योग प्रभारी दिनेश चाकणकर ने जिला योग प्रशिक्षण केंद्र द्वारा शासकीय उमावि उत्कृष्ट डबरा में आयोजित तीन दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन व्यक्त किए।
चाकणकर ने कहा कि सूर्य नमस्कार से हृदय, यकृत, आँत, पेट, छाती, गला, पैर शरीर के सभी अंगो के लिए बहुत से लाभ हैं। सूर्य नमस्कार सिर से लेकर पैर तक शरीर के सभी अंगो को बहुत लाभान्वित करता है। यही कारण है कि सभी योग विशेषज्ञ इसके अयास पर विशेष बल देते हैं।
सूर्य नमस्कार के अयास से शरीर, मन और आत्मा सबल होते हैं। उन्होंने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर आयुष विभाग भारत सरकार ने फिट इंडिया, पतंजलि योग पीठ हरिद्वार, क्रीड़ा भारती नेशनल योग स्पोर्ट्स फेडरेशन के सहयोग से 75 करोड़ सूर्य नमस्कार करने का विश्व कीर्तिमान बनाने का संकल्प लिया है।
इस क्रम में ग्वालियर जिले ने भी एक लाख से अधिक सूर्य नमस्कार करने का संकल्प लिया है। इस अवसर पर विकासखंड योग प्रभारी जयदयाल शर्मा ने कहा कि सूर्य नमस्कार मन शांत करता है और एकाग्रता को बढ़ाता है। आजकल बच्चे प्रतिस्पर्धा का सामना करते हैं इसलिए उन्हे नित्यप्रति सूर्य नमस्कार करना चाहिए क्योंकि इससे उनकी सहनशक्ति बढ़ती है और परीक्षा के दिनों की चिंता और असहजता कम होती है। इससे पूर्व भितरवार के विकासखंड योग प्रभारी कृष्णपाल सिंह यादव द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को कॉमन योगा प्रोटोकाल का अयास कराया गया। शिविर में डबरा और भितरवार विकासखंड के 40 से अधिक प्रतिभागी प्रशिक्षण ले रहे हैं।