एक महीने में दूसरी बार हड़ताल पर- जूडा परेशान हुए मरीज और अटेंडर
Dec 20 2021
ग्वालियर। नीट पीजी काउंसलिंग को लेकर एक महीने में दूसरी बार जूनियर डॉक्टर (जूडा) सोमवार से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले गए। इस बार जूडा ने इमरजेंसी सेवाएं देने से भी इंकार कर दिया। ऐसे में जेएएच (जयारोग्य हॉस्पिटल) में आने वाले दूर दराज के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सोमवार को झांसी के रहने वाले धर्मेन्द्र ने बताया कि सुबह से एक भी डॉक्टर उसे देखने नहीं आया।
वैसे, दो से तीन डॉक्टर दिखते थे। इसी तरह से कई पेशेंट के परिजन मरीजों को स्ट्रेचर पर लेकर जांच के लिए एक बिल्डिंग से दूसरी बिल्डिंग में पहुंचे, लेकिन जूनियर डॉक्टर न होने से जांच नहीं हो पाई। जूडा अध्यक्ष डॉ. श्रीकांत शर्मा का कहना है कि हड़ताल की जानकारी डीन जीआर मेडिकल कॉलेज को दे दी गई है। जूनियर डॉक्टर फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के समर्थन पर हड़ताल पर रहे हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2021 की नीट पीजी काउंसलिंग न होने को लेकर जूनियर डॉक्टरों की मांग थी कि नीट पीजी की काउंसिलिंग की जाए जिससे नया बैच आ सके। इससे अस्पताल के कार्य में हाथ बंटा सके, लेकिन यह मामला कोर्ट में चले जाने से यह समस्या हो गई। इससे पहले 3 दिसंबर से जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल की थी, लेकिन चिकित्सा मंत्री की पहल पर उन्होंने 10 दिसंबर को हड़ताल समाप्त कर दी थी।
जूनियर डॉक्टर्स का कहना है कि जो समय चिकित्सा मंत्री द्वारा दिया गया था, उस समय में नीट पीजी की काउंसलिंग पर निर्णय नहीं लिया जा सका है। वह इस बार अनिश्चित कालीन हड़ताल पर गए हैं।
नॉन मेडिकल रेजिडेंट के संबंध में की मांग उठाई थी
जूडा अध्यक्ष का कहना है कि प्रदेश के चिकित्सा आयुक्त निशांत वरवड़े से नॉन मेडिकल रेजिडेंट/एमबीबीएस के बाद आने वाले डॉक्टर की मांग की थी। इस तरह की सुविधा अन्य प्रदेश जैसे महाराष्ट्र, राजस्थान, यूपी में दी गई है। इस मांग पर भी विचार नहीं किया गया और न हीं उनकी मांग के बारे में कोई जबाव दिया गया। इस कारण से वह हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर हैं।
मरीज और उनके परिजन हो रहे हैं परेशान
अंचल का सबसे बड़ा जेएएच (जयारोग्य हॉस्पिटल) अस्पताल है। यहां अंचल सहित पड़ोसी राज्यों से भी लोग आते हैं। ऐसे में जूडा की हड़ताल जेएएच में मरीजों के लिए परेशानी बन गई है। हड़ताल से रुटीन ओपीडी से लेकर वार्ड में समस्याएं खड़ी हो गई है। साथ ही इमरजेंसी सेवाएं जैसे ट्रॉमा और होने वाले ऑपरेशन में जूनियर डाक्टरों का विशेष योगदान रहता है, वहां भी समस्या हो गई है।। इमरजेंसी सेवाओं के साथ कुछ ऑपरेशन भी टाले गए हैं।
सीनियर डॉक्टर की तैनाती
ओपीडी में इलाज कराने पहुंचने वाले व वार्डों में भर्ती मरीजों को परेशानी नहीं हो इसके लिए अस्पताल प्रबंधन ने बीती रात ही आदेश जारी कर सीनियर डॉक्टरों के साथ ही सीनियर रेजीडेंस डॉक्टरों की तैनाती ओपीडी से लेकर वार्डों में की गई है। लेकिन हड़ताल के कारण डॉक्टरों की संख्या कम होने के कारण ओपीडी पहुंचे मरीजों को बिना इलाज कराए ही वापस लौटने को मजबूर होना पड़ा।
हड़ताल रहेगी जारी
जिला जूडा एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. श्रीकांत शर्मा का कहना है कि जब तक अस्पताल में पीजी डॉक्टरों का नया बैच नहीं आएगा जब तक जूडा का विरोध लगातार जारी रहेगा। जूडा की हड़ताल का असर अस्पताल में जांच से लेकर सभी मरीजों के इलाज पर पड़ता दिख रहा है। वहीं जूडा ने अपनी मांग को लेकर जीआरएमसी में पदस्थ चिकित्सकों से लेकर पैरा मेडिकल स्टॉफ से भी सहयोग मांगा।
संपादक
Rajesh Jaiswal
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