अवैध विक्रम वाहनों पर नहीं हो रही कार्रवाई, इसलिए सिटी ट्रांसपोर्ट बना सपना

Dec 15 2021

ग्वालियर। शहर में सिटी ट्रांसपोर्ट के लिए लाई गई बसें खंडों पर खड़ी हैं, इसके साथ ही जो नई बसें आनी थी, वह भी नहीं आ पा रही हैं। इनका कारण है संख्या से अधिक बिना परमिट सवारी वाहनों का शहर में चलना। इन अवैध सवारी वाहनों के कारण स्मार्ट सिटी की बसों को रूट नहीं मिल पा रहा है। स्मार्ट सिटी की बसों को दीनदयाल नगर से बाड़ा और पुरानी छावनी से बाड़ा का रूट दिया गया है, लेकिन इन दोनों ही मार्गो पर सर्वाधिक बिना परमिट के अवैध वाहन संचालित हो रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक इस समय शहर में 800 से 1000 विक्रम अवैध रूप से संचालित किए जा रहे हैं, लेकिन इन विक्रम वाहनों पर कार्रवाई नहीं होने के कारण करोड़ों रुपये की सिटी बसें पड़ाव स्थित बस स्टैंड पर खड़ी-खड़ी कंडम हो रही हैं।
शहर में यातायात सुगम हो, प्रदूषण कम हो, इसके लिए स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत 32 बसों को लाया जाना था लेकिन इसमें से मात्र 27 बसों को ही अभी तक शहर में लाया गया है। इसमें से 13 बसों को शहर में चलाया जाना था लेकिन यह बसें स्मार्ट सिटी को दिए गए बस स्टैंड पर खड़ी धूल खा रही हैं। कई वाहनों के शीशे टूट चुके हैं तो कई खंडों पर खड़ी हैं। रूट पर नहीं चलने के कारण स्मार्ट सिटी की बसें खड़े-खड़े ही कंडम हो रही हैं। जबकि शहर में करीब 1000 विक्रम वाहन अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। खास बात यह है कि शहर में मात्र 1200 विक्रम वाहनों को ही आरटीओ ने परमिट जारी किए थे। इन अवैध विक्रम वाहनों के कारण सिटी बसों को चलने के लिए खाली सड़कें नहीं मिलती हैं। वहीं सिटी बसों के लिए बनाए गए बस स्टापेज भी खराब हो चुके हैं।