कांपते हुए सोए, ठिठुरते हुए जागे

Dec 13 2021

ग्वालियर। शहर में शीतलहर का प्रकोप लगातार जारी है, जिसके चलते लोग रात में जहां कपकंपाते हुए सोए, वहीं सुबह जब वह जागे तो सर्दी का असर बरकरार था, जिससे कांपते हुए ही सोमवार का आगाज भी हुआ। भले ही सुबह से धूप खिली, लेकिन सर्दी का असर इतना ज्यादा था कि वह नौ बजे तक भी रजाई से निकलने का साहस नहीं जुटा पा रहे थे। यह हालात अभी पीछा नहीं छोडऩे वाले, बल्कि मौसम विभाग जिस तरह के संकेत दे रहा है, वह भी शरीर को कंपा देने के लिए काफी है। पारा अभी और गिरेगा और अब ठंड सुबह-शाम और रात के बाद दिन में भी असर दिखाएगी। हालांकि सुबह धूप खिल जाने के कारण दस बजे के बाद कुछ राहत जरूर मिली और लोगो ंने सर्दी से छुटकारा पाने के लिए जमकर धूप के सामने खड़े होकर शरीर को सेंकने का काम किया। हालंाकि बाद में भी बर्फीली हवा का असर कम नहीं हुआ, जिससे लोगों की परेशानी भी बरकरार रही।
मौसम के जानकारों का कहना है कि अब उत्तर भारत के साथ ही अन्य पहाड़ी क्षेत्रों बर्फबारी हद पार कर रही है। राजस्थान और उत्तराखंड से भी सर्द हवा शहर में प्रवेश कर फिजा में ठंडक घोल रही है, फिलहाल दो दिन से दिन में धूप खिल रही है, वहीं कोहरे से भी निजात है, ऐसे में सुबह शाम और रात ही सर्दी का ही अहसास कुछ ज्यादा है। सुबह भले ही सर्दी ने कंपाया हो, लेकिन दिन में धूप ने राहत जरूर थी, लेकिन यह सुकून भी स्थायी नहीं है, बल्कि अब दिन में भी कोहरे का असर दिखाई देगा सर्द हवा के साथ लोगों की राहत छिन जाएगी। वहीं दो दिन बाद बादल और बूंदाबांदी की भी संभावना है यदि ऐसा होता है तो फिर जनजीवन पूरी तरह से थम जाएगा। तीन रोज पहले तक, जबकि पारा स्थिर था और सर्दी का अहसास कमजोर पडऩे लगा था तब शहर के गर्म कपड़ा विक्रेता चिंतित थे,लेकिन अब जब ठंड बढ़ी तो फिर इनके चेहरे भी खिल गए हैं। शहर में सर्दी का असर दिसंबर में ही ज्यादा रहता है, ऐसे में यदि मौसम में गर्माहट बढ़ जाए तो फिर इनका धंधा पिट जाता है। उधर सर्दी के साथ ही ब्लोअर व हीटर की बिक्री में भी इजाफा हुआ है।