पिता की पुण्यतिथि पर दिया सफाई का संदेश ऊर्जा मंत्री पहुंचे पार्क, ग्राउंड पर झाडू लगाई, टॉयलेट भी क्लीन किया

Dec 11 2021

ग्वालियर। अपने अनोखे अंदाज के लिए एक बार फिर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर चर्चा में है। इस बार शनिवार सुबह उन्होंने अपने पिता की पुण्यतिथि पर नवीन पार्क पहुंचकर झाडू लगाई, वहां टॉयलेट साफ की है। जब लोगों ने उनको रोकने का प्रयास किया तो ऊर्जा मंत्री ने कहा कि मैं नाराज होकर यह सफाई नहीं कर रहा हूं। मैं अपनी खुशी से यह काम कर रहा हूं। यह तो मेरे शहर के लिए मेरा कर्तव्य है। ऊर्जा मंत्री द्वारा पार्क की सफाई का पता चलते ही नगर निगम अफसर और कर्मचारी भी पार्क में पहुंचे और सफाई कराई।
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री व सिंधिया समर्थक प्रद्युम्न सिंह तोमर हमेशा चर्चा में बने रहते हैं। कभी वह शमशान घाट में सफाई करते हुए नजर आते हैं तो कभी वह सड़कों पर भैंस लेकर घूमते हुए दिखते हैं। जमीन पर बैठकर लोगों की समस्याओं को सुनना और सीवर चैंबर में उतरना उनके लिए आम बात है। शनिवार को ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के पिता स्व. हाकिम सिंह तोमर की पुण्यतिथि थी। पिता को सच्ची श्रद्धांजलि देने के लिए ऊर्जा मंत्री तोमर सुबह कांचमील एरिया में नवीन पार्क में पहुंचे। यहां उन्होंने कचरा देखा तो उनसे रहा नहीं गया। वहां पर गंदगी के ढेर देखकर साफ-सफाई करने में जुट गए। ऊर्जा मंत्री को सफाई करते देखकर पार्क में सैर करने आए युवक भी उनके साथ सफाई में जुट गए। पहले उन्होंने पार्क में पड़ी पॉलीथिन, गुटखा के पाऊच उठाकर बटोरे फिर झाडू लगाकर कचरा साइड लगाया पर ऊर्जा मंत्री यहां भी कहां मानने वाले थे। वह आगे चलते हुए पार्क के सार्वजनिक शौचालय पहुंच गए। यहां बाथरूम पॉट साफ करने में जुट गए। वहीं जैसे ही इसका पता नगर निगम अफसरों को चला तो वह भी सफाई करने कर्मचारियों के साथ आ पहुंचे और कुछ ही देर में पार्क साफ कर दिया।
बुजुर्गों का जाना हाल
इस अवसर पर पार्क में सैर करने आने वाले बुजुर्गों से भी ऊर्जा मंत्री मिले और उनका हाल जानने के साथ ही परेशानी आने पर उनसे संपर्क के लिए कहा। कुछ बुजुर्गो ने उनको अपने गली मोहल्ले की आम समस्या से अवगत कराया। जिस पर तत्काल उन्होंने कॉल कर समस्या के समाधन के लिए संबंधित विभाग को निर्देशित किया है।
यह रहती है भ्रमण के दौरान कार्यशैली
अक्सर भ्रमण के दौरान ऊर्जा मंत्री किसी बुजुर्ग को हाथ ठेला चलाते देखते हैं तो वे हाथ ठेला चलाने लगते हैं। कभी मोची के पास बैठकर उससे पूछने लगते हैं कि उसे सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं।