प्रत्येक नागरिक एक हजार वर्गफीट में वर्षा जल का संग्रहण करें-ज्योतिरादित्य

Dec 10 2021

ग्वालियर। नमामि गंगे परियोजना के तहत शुक्रवार से आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय जल सम्मेलन के शुभारंभ के अवसर पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संग्रहण पर जोर देते हुए कहा प्रत्येक नागरिक एक हजार वर्गफीट में वर्षा जल का संग्रहण करे तो 75 हजार लीटर जल का संग्रहण हो सकता है। आज हम मात्र आठ प्रतिशत वर्षा जल को संग्रहित कर पाते हैं, शेष व्यर्थ ही बह कर वाष्पित हो जाता है। 
शुभारंभ समारोह में सिंधिया ने जानकारी दी की मुरार नदी का पुनर्रोद्धार अब नमामि गंगे परियोजना के तहत किया जाएगा। इसके लिए प्रोजेक्ट के अधिकारियों ने डीपीआर बनाना भी शुरू कर दी है। सिंधिया के अनुसार इस नदी के जीवित होने से शहर को काफी राहत मिलेगी। सिंधिया ने जल संरक्षण को वर्तमान पीढ़ी पर आने वाली पीढ़ी का ऋण निरूपित किया।  
पानी की गंभीरता को लेकर डा. संजय सिंह ने बताया कि 2035 से 2050 तक पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाएगी। कई देशों से अकाल के कारण विस्थापन प्रारंभ हो चुका है। दिल्ली में 150 लीटर प्रतिव्यक्ति पानी की खपत पहुंच रही है। वर्तमान में 75 प्रतिशत भूजल खत्म हो चुका है। इसके साथ ही नए बाढ़ क्षेत्र में बनते जा रहे हैं। इसमें ग्वालियर चंबल संभाग भी शामिल है। वहीं दूसरी ओर भिण्ड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी आदि बुंदेलखंड की स्थिति में पहुंच रहे हैं। यहां पर बीहड़ो में पानी खत्म हो रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में नदियों पर लगातार बांध बनाए जाने के कारण उनका बहाव काफी कम हो गया है। गंगा नदी का बहाव भी 30 प्रतिशत तक रह गया है। उन्होंने बताया कि जब तक नदियों, प्रकृति से आमजन नहीं जुड़ेंगे तब तक नदियों को बचाने का अभियान सफल नहीं हो सकता है। क्योंकि पूर्व में आमजन को प्रकृति से जोड़ा गया था, नदियों को हमारी संस्कृति में मॉ का दर्जा दिया गया है।
यह होंगे कार्यक्रम में शामिल
आज 11 दिसंबर को जल शक्ति राज्यमंत्री पहलाद पटेल शामिल होंगे। इस आयोजन में भारत में जल पुरुष के नाम से विख्यात राजेंद्र सिंह तीनों दिन उपस्थित रहेंगे साथ ही तेलंगाना वाटर कमीशन के चेयरमैन प्रकाश राव, जल बिरादरी के राष्ट्रीय संयोजक सत्यनारायण बुलसेट्टी, कर्नाटक से अप्पा साहब, मुंबई से पर्यावरणविद एवं शिक्षाविद प्रो. स्नेहल डोंडे, महाराष्ट्र सरकार के प्रशासनिक अधिकारी सुधीर राठौर, गुजरात से मुकेश पंडित, राजस्थान से जयेश जोशी, उत्तर प्रदेश सर्वोदय समाज के अध्यक्ष राम धीरज भाई, अरविंद भाई, डाक्टर मेजर हिमांशु, कोलंबिया यूनिवर्सिटी से श्वेता झुनझुनवाला सहित बड़ी संख्या में पूरे देश से जल संरक्षण पर काम करने वाले विशेषज्ञ उपस्थित होंगे।