नीट पीजी की काउंसिलिंग नहीं होने के विरोध में जेएएच की ओपीडी से जूडा का वॉकआउट, मरीज हुए परेशान

Dec 04 2021

ग्वालियर। नीट पीजी की काउंसिलिंग नहीं होने के विरोध में जूनियर डाक्टरों ने शनिवार को जेएएच में ओपीडी से वॉकआउट किया। ऐसे में ओपीडी की पूरी कमान वरिष्ठ चिकित्सकों को संभालना पड़ी। इस दौरान मौसमी बीमारियों के मरीज वैसे ही ओपीडी में अधिक पहुंच रहे हैं, इसलिए जूडा के वॉकआउट के कारण मरीजों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
दरअसल 8 माह से नीट पीजी की काउंसिलिंग नहीं हुई है, जिसको लेकर देश भर में जूनियर डाक्टर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। फोडा एवं आरडीए के बैनर तले जूनियर डाक्टर लगातार इसके खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को जूनियर डाक्टरों ने ओपीडी से वॉकआउट किया है। आमतौर पर जूनियर डाक्टर ही जेएएच में अधिकांश व्यवस्थाएं संभालते हैं। ऐसे में ओपीडी में जूनियर डाक्टरों की गैरमौजूद होने से वरिष्ठ चिकित्सकों को मोर्चा संभालना पड़ा। इन दिनों मौसमी बीमारी, डेंगू एवं मलेरिया के मरीज अधिक पहुंच रहे हैं, ओपीडी भी 2500 तक पहुंच रही है। जेएएच में वरिष्ठ चिकित्सक एवं कंसल्टेंट की संख्या कम है, जबकि जूडा अधिक संख्या में हैं। ऐसे में मरीज अधिक होने एवं जूडा के गैरमौजूद होने से मरीजों के साथ ही वरिष्ठ चिकित्सकों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। जूडा अध्यक्ष श्रीकांत शर्मा ने बताया कि नीट पीजी की काउंसिलिंग नहीं हुई है, जबकि पचास हजार डाक्टर प्रदेश में बेरोजगार बैठे हुए हैं। वहीं पीजी डाक्टरों पर भी काम का बोझ बढ़ता जा रहा है। इस आंदोलन को ग्वालियर के जूनियर डाक्टर एसोसिएशन ने भी अपना समर्थन दिया है।