लापरवाही: बढऩे लगा कोरोना, चार दिनों में चार संक्रमित 20 फीसदी ही कर रहे हैं मास्क का प्रयोग

Dec 04 2021

ग्वालियर। कोरेाना के नए वैरिएंट ओमीक्रॉन की देश में दस्तक के साथ ही ग्वालियर जिले में कोरोना के केस एक बार फिर से बढऩे लगे हैं चार दिनों के भीतर जिले में कोरेाना के चार संक्रमित मरीज निकले सें कोरोना का प्रकोप शुरू हो गया हैं। अभी कई दिनों से जिले में कोरेाना के एटिव केस 0 चल रहे थे, लेकिन संक्रमित मरीजों के बढऩे अब जिले में एटिव केस की संया बढ़कर 4 पहुंच गई है।
इसके बाद लापरवाही का दौर जारी हैं फिर चाहे वह बाजार हो या शादी समारोह सभी जगह केाविड के नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं और नियमों का पालन नहीं करने वालों पर पहले जैसी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
हालांकि कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कोविड के नियमों के पालन करने की अपील के साथ ही मास्क नहीं लगाने वालों पर चालानी कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए गए हैं, लेकिन शासन प्रशासन द्वारा पहले की तरह सख्ती नहीं होने के कारण इन दिनों केवल 20 फीसदी लोग ही मॉस्क का प्रयोग कर रहे हैं। अगर इसी तरह लापरवाही का दौर जारी रहा था शहरवासियों को फिर से कोरोना की पहली व दूसरी लरह की तरह एक बार फिर लॉकडाउन का सामाना करना पड़ सकता हैं।
कारोबारी वादा करके भूले
शहर के कारोबारी प्रशासन के साथ हुई बैठक में अपने प्रतिष्ठानों पर कोविड के नियमों का पालन कराने एवं बिना मास्क लगाकर आने वालों को सामान नहीं देने का वादा करते हैं, लेकिन कारोबार की चाह में वह अपने द्वारा किए गए वादे को भी भूल जाते हैं।
समय पूरा, नहीं लगवाई वैक्सीन
कोरोना महामारी को लेकर संजीवनी बताए जाने वाली वैक्सीन को लेकर भी कुछ लोगों में उदासीनता बनी हुई हैं। इसी की वजह से जिले में करीब ढाई लाख लोग ऐसे हैं जिन्होंने पहली डोज लगवाने के बाद दूसरी डोज नहीं लगवाई हैं। इसके साथ ही कुछ लोग ऐसे भी है जिन्होंने पहली टीका लगवाने के बाद उनके दूसरे डोज की समय सीमा पूरी नहीं है। इस प्रकार कुल 4 लाख से अधिक लोग ऐसे है जिनका टीकाकारण अभी भी अधूरा हैं। टीकाकरण को बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर रोज टीकाकारण कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। 
ग्वालियर सीएमएचओ डॉक्टर मनीष शर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी के नए वैरिएंट का अभी कोई भी केस जिले में नहीं मिला हैं। संक्रमितों के सेंपलों की जीनोम सिवेंसिंग कराई जाएगी। कोविड के नियमों का पालन करके ही इस महामारी से बचा जा सकता है।