बड़े भाई ने मकान में हिस्से के लिए मारी थी गोलियां- छोटा भाई हारा जिंदगी की जंग, बहन गंभीर घायल

Dec 03 2021

ग्वालियर। आखिरकार बड़े भाई की गोली से घायल हुए छोटे भाई ने दम तोड़ दिया है। वह जीना चाहता था कई बार बोला मुझे बचा लो, लेकिन जिंदगी पर उसकी मौत भारी पड़ गई। बहन की भी हालत गंभीर है उसे भी तीन गोलियां लगी थीं। मकान में दो कमरों के लिए सगे बड़े भाई ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थीं। घटना गुरुवार देर शाम नदीपार टाल तृप्ती नगर की है। पुलिस ने हत्या के प्रयास को हत्या में बदल दिया है। गोलियां बरसाकर छोटे भाई की हत्या करने वाला बड़ा भाई सोनू शर्मा अभी फरार है। पुलिस को उसकी कुछ लोकेशन मिली हैं, लेकिन वह रात तक की है। उसके बाद से उसका मोबाइल भी बंद है।
यह था पूरा मामला
थाटीपुर के नदीपार टाल तृप्ती नगर निवासी ऊषा पत्नी स्व. राजकुमार शर्मा के तीन मंजिला मकान में हिस्सों को लेकर खूनखराब हुआ था। मकान में ऊषा के साथ उसकी बेटी पूनम (23), बेटा रवि (21) व सास रहती थे, जबकि बड़ा बेटा सोनू शर्मा कुछ दिन पहले तक घर में ही रहता था। घर में उसे एक कमरा दिया था। सभी के पास एक-एक कमरा था। अन्य कमरे किराए पर चलाए थे जिससे घर का खर्च चल सके। बड़ा बेटा सोनू घर में दो कमरे चाहता था। सोनू अपराधिक छवि का है। वह हत्या के मामले में चार साल से जेल में था। यहां उसकी पत्नी रहती थी। अभी 15 दिन पहले ही वह जमानत पर छूटकर आया है। उसने घर में हिस्सा मांगा, लेकिन मां ने मना कर दिया। इस पर सोनू ने पत्नी को दिल्ली उसके मायके छोड़ दिया। गुरुवार को वह अपने साले के साथ अपने नदीपार टाल घर पहुंचा। यहां मकान में हिस्से को लेकर पंचायत जोड़ दी। बड़े बुजुर्गो को बुलाकर बातचीत चल रही थी। तभी बड़े भाई सोनू ने कहा कि उसे मकान में दो कमरे चाहिए। वह अपना हिस्सा बेचना चाहता है। इस पर छोटे भाई ने विरोध किया। जिसके बाद वह बाहर गया और पिस्टल लोड कर लाया। इसके बाद उसने ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। सबसे पहले वह बहन के पास गया और उस पर एक के बाद एक तीन गोलियां चला दीं। बहन बाहर की तरफ भागी तो पीठ में उसे गोलियां लगी हैं, बहन को बचाने आए छोटे भाई रवि शर्मा को भी सोनू ने नहीं छोड़ा उसे भी गोली मार दी। ताबड़तोड़ गोलियां चलाने के बाद सोनू शर्मा और उसका साला वहां से फरार हो गया। घायल पूनम और रवि को परिजन पहले मुरार के एक निजी अस्पताल पहुंचे और उसके बाद जेएएच के ट्रॉमा सेंटर लेकर गए थे। जहां उनकी हालत गंभीर बताई गई है।
18 घंटे के संघर्ष के बाद तोड़ा दम
गोलीबारी में घायल पूनम और रवि का इलाज ट्रॉमा सेंटर में चल रहा था। यहां करीब 18 घंटे तक मौत से संघर्ष करने वाला रवि शर्मा आखिरकर जिंदगी की जंग हार गया। दोपहर 12 बजे उसने दम तोड़ दिया है। गोली उसके पेट में लगी थी खून ज्यादा बह गया था। उसकी मौत की खबर से माहौल गमगीन हो गया है। बहन पूनम को भी तीन गोलियां लगी हैं। उसकी भी हालत गंभीर नहीं है।
एक मकान नें उजाड़ दिया पूरा घर
तीन मंजिला मकान और उसमें दो कमरों के विवाद ने पूरा शर्मा परिवार उजाड़ दिया। ऊषा शर्मा के तीन बच्चे थे एक सोनू शर्मा, रवि शर्मा व बेटी पूनम शर्मा। मकान में दो कमरे की मंाग पर सोनू ने अपने ही छोटे भाई-बहन पर गोलियां बरसा दीं। जिसमें रवि की मौत हो गई है। बहन पूनम की हालत गंभीर है। हमलावर भाई पर हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है। वह भागा-भागा घूम रहा है। मां और दादी का भी पता नहीं है। ऐसे में पूरा परिवार ही उजड़ गया है।
चार साल से जेल में था हमलावर बड़ा भाई
बताया गया है कि घायल पूनम और रवि का बड़ा भाई सोनू शर्मा चार साल से हत्या के केस में जेल में सजा काट रहा था। अभी कुछ दिन पहले ही उसको जमानत मिली थी। वह घर आया तो मकान को लेकर बहस हुई। इसके बाद वह 10 दिन पहले पत्नी को लेकर चला गया। पत्नी को उसके मायके छोडऩे के बाद वह गुरुवार को अपना हिस्सा मांगने पहुंचा था। वह मकान बेचना चाहता था, जबकि अन्य परिजन ऐसा नहीं चाहते थे।
एसपी ग्वालियर अमित सांघी ने बताया कि हमलावर की तलाश पुलिस पार्टियां कर रही है। उसकी कुछ लोकेशन मिली थीं, लेकिन अभी हाथ नहीं आया है।