अजाक्स ने महात्मा ज्योतिबा फुले की पुण्यतिथि मनाई

Nov 29 2021

ग्वालियर। महात्मा ज्योतिबा फुले शिक्षा को विकास का मूल मंत्र मानते थे। उन्होंने अपना सारा जीवन स्त्री शिक्षा व उनकी दशा को सुधारने व उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने में लगाया। उनकी स्त्री शिक्षा व समाजसेवा की भावना को देख कर सन् 1888 में मुंबई में उन्हें महात्मा की उपाधि दी गई। यह बात अजाक्स के जिलाध्यक्ष मुकेश मौर्य ने कही।
मप्र अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) द्वारा रविवार को थाटीपुर स्थित कार्यालय में महात्मा Óयोतिबा फुले की पुण्यतिथि मनाई गई। इस दौरान संगठन के सभी पदाधिकारियों व सदस्यों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उनके बताए मार्ग का अनुसरण करने का संकल्प लिया।
जिलाध्यक्ष मौर्य ने कहा कि महात्मा फुले ने अपने 20 क्रांतिकारी विचारों से समग्र समाज को समानता, स्वतंत्रता व बंधुता का लाभ दिलाने के लिए संघर्ष किया। उन्होंने समाज की प्रगति में बाधक सामाजिक कुरीतियों व रूढिय़ों को तोड़कर समाज को एक नया तार्किक रास्ता दिखाया। इस अवसर पर विजय सिंघानिया, आरएस जाटव, अतर सिंह जाटव, झड़ा सिंह गोयल, रामगोपाल मिलन, पुत्तू सिंह परिहार, पीएन रायपुरियां, रमेश जाटव, लक्ष्मण सिंह जाटव, राजकुमार बांगड़े, विवेक मौर्य, पान सिंह गौतम, रामबाबू दिनकर, गोपाल भोंसले, श्यामसुंदर निम, पवन कौशल, नीरज गोडिय़ा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।