कुंवरपुर गांव में देशी पटाखे से खेल रहे थे मासूम-जलते कचरे में फेंकते ही हुआ धमाका, 5 बच्चे हुए घायल

Nov 28 2021

ग्वालियर। कुंवरपुर गांव में खेल-खेल में बच्चों की जान पर बन आई है। सड़क पर पड़े एक अनचले पटाखे को उठाकर बच्चों ने पास ही जल रहे कचरे में फेंक दिया। अचानक तेज धमाका हुआ और बच्चों की चीख से पूरा इलाका दहल उठा। धमाका इतना तेज था कि पास खेल रहे पांच बच्चे घायल हो गए हैं। एक बच्चे के हाथ एक आंख भी बुरी तरह जख्मी हुई है।
अन्य बच्चों को भी चेहरे, शरीर पर गंभीर चोट आई हैं। घटना रविवार शाम की है। धमाके की आवाज और बच्चों की चीख सुनकर मोहल्ले के लोग वहां पहुंचे और घायलों को जेएएच में भर्ती कराया गया है। रिजवान की हालत बेहद नाजुक है। उसका एक हाथ का पंजा व आंख बुरी तरह डेमेज हुई है। एक रात पहले यहां से बारात निकली थी। जिसमें पटाखे चल रहे थे। उसी में से एक पटाखा बिना चले रह गया था।
ग्वालियर के महाराजपुरा कुंवरपुर गांव में मस्जिद के पास मोहल्ले के अलग-अलग परिवार के बच्चे खेल रहे थे। तभी 8 साल के रिजवान खां को एक बड़ा देशी पटाखा मिला। बच्चों के लिए यह अनोखा था क्योंकि आम तौर पर इतने बढ़े पटाखे उन्होंने कभी नहीं चलाए थे। वह पटाखा को लेकर हिलाने डुलाने लगे। पास ही अन्य बच्चे संजना (10), अजान (6), फरहान (11), पायल (6) खड़े थे। सभी को वह काफी रोचक लगा था। सभी उससे खेलने लगे। पास ही कचरे के ढेर में आग जल रही थी। बच्चों ने पटाखे को आग में डाल दिया। बच्चों को यह नहीं पता था कि यह पटाखा जिंदा है। उनको लगा कि यह सिर्फ जलेगा। पर तभी अचानक तेज धमाका हुआ। धमाका इतना तेज था कि सबसे आगे खड़े रिजवान का सीधे हाथ का पंजा तक उड़ गया। उसकी आंख में चिंगारी घुस गई। अन्य बच्चे भी बुरी तरह झुलस गए। धमाका और उसके बाद बच्चों की चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग वहां आ गए। बच्चों को सड़क पर तड़पता देखा तो सभी बच्चों को जेएएच (जयारोग्य अस्पताल) में भर्ती कराया। बच्चों में रिजवान व फरहान की हालत खराब है। डॉक्टर का कहना है कि रिजवान की एक आंख पूरी तरह खराब हो गई है। उसके हाथ का पंजा भी वापस नहीं जुड़ सकता है। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई है।
किसी की लापरवाही बच्चों की जान पर भारी
कुंवरपुर में रहने वाले रफीक खान का कहना है कि शनिवार रात कुंवरपुर से बारात निकली थी। बारात में काफी पटाखे चल रहे थे। उसमें से एक पटाखा अनचला रह गया था। जिसे बारात की खुशी में लोगों ने लापरवाही से वहीं छोड़ दिया। बाहर खेल रहे बच्चों ने उसे उठा लिया। जिसके बाद यह हादसा हो गया। सभी बच्चों की उम्र 8 से 10 साल है। कुछ बच्चे 6 साल के भी हैं।
दर्दनाक था वह दृश्य
कुंवरपुर में रहने वाले रफीक खान का कहना है कि जिस समय धमाके की आवाज आई तो वही सबसे पहले घटना स्थल पर पहुंचे थे। रिजवान के हाथ के परखर्चे उड़ गए थे। उसकी आंख से खून बह रहा था। अन्य बच्चे भी खून से लथपथ थे। वो दृश्य दिल दहला देने वाला था। सबसे पहले सोचा बच्चों को अस्पताल पहुंचा दूं। सबसे ज्यादा रिजवान और फरहान घायल हैं।