शुक्रवार देर रात ग्वालियर आए मोहन भागवत ने घोष शिविर में कार्यकर्ताओं से छोटे-छोटे ग्रुप में चर्चा की

Nov 27 2021

ग्वालियर। शुक्रवार देर रात ग्वालियर आए आरएसएस प्रमुख सुबह 5 बजे जाग गए। योगा करने के बाद वह सुबह 6 बजे संघ स्थान पहुंचे। यहां जारी घोष शिविर में चुनिंदा घोष वादक के साथ चर्चा कर उनका विजन जाना। माना जा रहा है कि यह मिशन 2024 (लोकसभा चुनाव) की तैयारी है। दो-दो घंटे के शिविर और छोटे-छोटू ग्रुप में उन्होंने घोष वादकों और कार्यकर्ताओं से चर्चा की।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत शुक्रवार को देर रात ग्वालियर आए थे। हेतमपुर में ऊधमपुर-दुर्ग एक्सप्रेस में हुए हादसे की वजह से उनकी ट्रेन चार घंटे की देरी से पहुंची। कड़ी सुरक्षा के बीच वह रात 12 बजे तेलांगना एक्सप्रेस से ग्वालियर पहुंचे। ग्वालियर स्टेशन से सीधे वे सरस्वती शिशु मंदिर केदार धाम के लिए रवाना हुए।
भागवत यहां आयोजित चार दिवसीय घोष वर्ग शिविर में शामिल हुए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मध्यभारत प्रांत के चार दिवसीय प्रांतीय स्वर साधक संगम (घोष शिविर) का शनिवार को तीसरा दिन है। मुख्य कार्यक्रम आज रविवार को होगा।
मिशन 2024 की तैयारियां दिखीं
घोष वादक के दो-दो घंटे के शिविर आयोजित किए गए हैं। इस दौरान आरएसएस प्रमुख ने छोटे-छोटे ग्रुप्स में कार्यकर्ता, घोष वादक और अन्य लोगों के विचार जाने। देश को कैसे अखंड और मजबूत बना सकते हैं और इसके लिए क्या कर सकते हैं, इस पर भी चर्चा की। आरएसएस प्रमुख के इस अंदाज को जानकार उनके विजन 2024 की तैयारी मान रहे हैं। यह सभी जानते हैं कि भाजपा के लिए पिछले चुनाव में भी संघ ने ही मैन-टू-मैन मार्किंग की थी। हालांकि, आरएसएस की ओर से यह साधारण अभ्यास सत्र ही बताया जा रहा है।
लगातार अभ्यास कर रहे घोष वादक
स्वर साधक संगम (घोष शिविर) कार्यक्रम में कोई कमी न छूटे, इसके लिए शनिवार की सुबह से ही स्वर साधक अपनी फाइनल रिहर्सल में जुट गए। संघ के पदाधिकारियों ने उनकी प्रस्तुति पर नजर रखी। जिसकी प्रस्तुति में कोई कमी नजर आई, उसे उसमें सुधार करने के निर्देश दिए। फाइनल रिहर्सल के लिए स्वर साधकों के लिए दो-दो घंटे के दो सत्र आयोजित किए गए और सत्र के बीच चर्चा का समय रखा। इन अभ्यास सत्रों को भी संघ प्रमुख ने बारीकी से देखा है। इसके बाद अपनी टीम के साथ स्वल्पाहार किया।