बाल संरक्षण के प्रति युवा सतर्क रहें और अपने अधिकारों को जानकर ही उसका प्रयोग करें-शालीन शर्मा

Nov 24 2021

ग्वालियर। 18 साल के कम उम्र के बच्चों को उनके अधिकारों का पता होना चाहिये। जिसके लिये बाल संरक्षण दिवस मनाया जाता है। भारत वर्ष की आबादी में लगभग 40 प्रतिशत आबादी 18 वर्ष से कम उम्र की है। जागरूकता व अधिकार में अंतर करते हुये महिला बाल विकास विभाग के शालीन शर्मा ने छात्र-छात्राओं को बताया कि अपने अधिकारों को हम कैसे प्रयोग कर सकें। माधव महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा बाल संरक्षण के उपर व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता शालीन शर्मा, सह संयोजक महिला बाल विकास विभाग ग्वालियर डॉ. संजय कुमार पाण्डेय एवं डॉ. विकास शुक्ला राष्ट्रीय सेवा योजना माधव महाविद्यालय उपस्थित थे।
शर्मा ने बताया कि संविधान में हमारे 42 अधिकार हैं, परन्तु 18 वर्ष से कम उम्र के बालकों के लिये बनाये गये अधिकारों को बालक समझ नहीं पाता जिससे उसका संरक्षण करने में काफी कठिनाई महसूस होती है। हर जिले में एक बाल संरक्षण आयोग बना हुआ है। इस आयोग में जाकर हम अपने अधिकारों के बारे में समझ सकते हैं। समय-समय पर जरूरत व अधिकार अलग-अलग है क्योंकि जरूरत एक व्यक्ति विशेष की हो सकती है, परन्तु अधिकार सामूहिक होता है। जिसकी जानकारी हम सबको होना चाहिये।
बाल संरक्षण के संबंध में डॉ. पाण्डेय ने बताया कि एनएसएस युवाओं द्वारा इन नाबालिग बच्चों को अपने अधिकारों का प्रयोग कैसे कर सकें इसके लिये सतत् प्रयास करते रहते हैं। यदि अपने अधिकारों को अज्ञानता वश गलत इस्तेमाल कर लेता है तो बाल अधिकार संरक्षण आयोग में जाकर हम अपने अधिकारों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं क्योंकि एन.एस.एस. युवाओं का संगठन है।
डॉ. शुक्ला ने कहा कि संरक्षण किसी का भी हो जब तक उसकी जानकारी हमारे पास नहीं हैं तो हम अपने अधिकारों का प्रयोग नहीं कर सकते हैं। अधिकार किसी भी रूप में हो उसका सही रूप से पालन कराने में एनएसएस स्वयंसेवकों की अहम भूमिका होती है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संजय कुमार पाण्डेय एवं आभार डॉ. विकास शुक्ला ने किया।
इस कार्यक्रम में स्वयंसेवक संजना कुशवाह, प्रियांशी, पूजा, निसार खान, अंकुर चौरसिया, अनिरूद्ध शर्मा, हेमन्त मांझी, आदित्य आठले, अनिल यादव, आदित्य राठौर, राहुल बाथम, निशान्त मंगल आदि लोग उपस्थित थे।