12 घंटे में पुलिस ने किया अंधे कत्ल का खुलासा, दो दबोचे

Nov 23 2021

ग्वालियर। पुलिस ने सिर्फ 24 घंटे में चौकीदार की हत्या का खुलासा कर दिया है। हत्या करने वालों में से एक 6 महीने पहले तक कंपनी में कर्मचारी था। उसके सामने अक्सर कैश आता जाता रहता था। वह लूट के इरादे से ही फैक्ट्री में दाखिल हुए थे। कोई पहचान न ले इसलिए नकाब पहने थे। पर चौकीदार उनसे भिड़ गया। इस दौरान एक आरोपी का नकाब उतर गया। इसके बाद उन्होंने चौकीदार की हत्या कर दी। पहले सर पर हथौड़ी से वार किया। जब खून ज्यादा बहने लगा तो उन्होंने कटर से गले पर वार कर काम खत्म कर दिया। हत्या के दोनों आरोपियों मनोज जाटव और संदीप जाटव निवासी गुढ़ा की पहचान पुलिस ने पास ही एक जगह लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज से की है। उनको गिरफ्तार करने के बाद लूटा गया मोबाइल, लैपटॉप व डीवीआर बरामद कर ली है।
गिरवाई के 12बीघा स्थित जैनसन सबमर्सिबल पंप फैक्ट्री है। यहां सबमर्सिबल पंप बनाने का काम होता है। फैक्ट्री के संचालक अभिनंदन जैन हैं। उनके यहां बीते 6 साल से भिंड मौ निवासी 58 वर्षीय माणिकचंद जैन चौकीदारी करता था। सोमवार दोपहर 12 बजे के लगभग जब कर्मचारी फैक्ट्री में काम करने पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी कोशिश करने के बाद भी चौकीदार ने गेट नहीं खोला। अंदर से कोई आवाज भी नहीं आ रही थी। फैक्ट्री के एक हिस्से की दीवार छोटी है। ऐसे में सुपरवाइजर ने दीवार के ऊपर से चढ़कर अंदर जाकर देखा तो गार्ड रूम का दरवाजा खुला था और माणिकचंद लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़ा था। सुपरवाइजर ने तत्काल फैक्ट्री संचालक और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को निगरानी में लिया और जांच शुरू की। खुद स्क्क ग्वालियर स्पॉट पर पहुंचे थे। स्पॉट से कुछ धारदार हथियार बरामद किए गए थे। शुरुआती पड़ताल में पुलिस को फैक्ट्री के कुछ ताले भी टूटे मिले थे। हत्या का तरीका और वहां बिखरा पड़ा सामान गवाही दे रहा था कि वारदात चोरी या लूट के लिए आए बदमाशों ने की है। पर फैक्ट्री में लगे ष्टष्टञ्जङ्क कैमरे की ष्ठङ्कक्र भी चोरी कर ले गए हैं।
कंपनी के रजिस्टर और फुटेज से मिला सुराग
इस मामले में एसपी अमित सांघी के निर्देश पर एएसपी शहर सतेन्द्र सिंह तोमर, सीएसपी लश्कर आत्माराम शर्मा व थाना प्रभारी गिरवाई रघुवीर मीणा ने छानबीन शुरू की। कंपनी के रजिस्टर चेक किए और उन कर्मचारियों की लिस्ट बनाई जिनको हाल ही में निकाला गया था या वह छोड़कर गए थे। इसके बाद फैक्ट्री के रास्ते पर एक बिल्डिंग में पुलिस अफसरों को सीसीटीवी कैमरे लगे हुए दिखे। पुलिस ने कैमरे खंगाले तो एक फुटेज हाथ लगी है। जिसमें दो युवक फैक्ट्री की तरफ जाते हुए दिखाई दिए। इनमें एक की पहचान मनोज उर्फ मुकेश जाटव निवासी गुढ़ा के रूप में हुई। इसके बाद पता लगा कि यह इसी फैक्ट्री में छह महीने पहले तक काम करता था। अब पुलिस का संदेह यकीन में बदल गया। पुलिस ने पहले मनोज जाटव को उठाया उसने पूछताछ में अपने साथ संदीप जाटव के साथ वारदात करना कुबूल कर लिया। पुलिस ने संदीप को भी गिरफ्तार कर लिया।
अफसरों के सामने मनोज उर्फ मुकेश जाटव ने पूरी कहानी सुनाई है कि 6 महीने पहले तक वह यहां काम करता था। एक विवाद के चलते उसे वहां से हटा दिया गया। उसने कई बार कंपनी के दफ्तर में कैश आते और दराज में मालिक को रखते देखा था। उसे उम्मीद थी कि यहां काफी माल मिलेगा। वह अपने साथी संदीप के साथ वारदात कर रहा था कि तभी चौकीदार माणिकचन्द्र जैन की नींद खुल गई। जिस पर वह भागने लगे, लेकिन चौकीदार ने एक को पकड़ लिया और चेहरे से नकाब हटा दिया। जब उसने पहचान लिया तो उसकी हत्या करनी पड़ी। पुलिस ने फैक्ट्री से लूटा गया लैपटॉप, डीवीआर और चौकीदार का मोबाइल बरामद कर लिया है।
ग्वालियर एसपी अमित सांघी ने बताया कि उन्होंने इस मामले में गिरवाई थाना प्रभारी और उनकी टीम के बेहत्तर काम करने और 24 घंटे में मर्डर का खुलासा करने पर पूरी टीम को 10 हजार रुपए का कैश अवार्ड दिया है।