समाज और पर्यावरण के बड़े काम करने वाली भी वीरांगनाएं- खगेन्द्र भार्गव

Nov 19 2021

ग्वालियर। जहां एक ओर देश के लिए संघर्ष और बलिदान करने वाली महिलाएं वीरांगना होती हैं वहीं समाज पर्यावरण और अन्य क्षेत्रों में क्रांतिकारी कार्य करने वाली महिळाओं का योगदान भी वीरता का कार्य है। वे भी वीरांगनाएं हैं। यह देश वीरांगनाओ का देश है। वीरांगना लक्ष्मीबाई की जयंती पर मातृ शक्ति शौर्य दिवस के रूप में संस्कार मंजरी द्वारा आयोजित भव्य कार्यक्रम में विश्वहिंदूपरिषद के प्रांत संगठन मंत्री खगेन्द्र भार्गव ने उक्त विचार व्यक्त किए। विशिष्ट अतिथि के रुप में महिलामोर्चे की प्रदेश उपाध्यक्ष नंदिता पाठक ने महारानी लक्ष्मीबाई परिवार में परिवार के लोगों के साथ ताल मेल बिठालते हुए नाम कमायी हम सब वीरांगनाएँ भी सब को साथ लेकर चले अपने आँगन को स्वच्छ सुंदर बनाने के लिए बुजुर्गों का सम्मान देने की बात कही। 
पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता ने संस्कार मंजरी के नगर में सांस्कृतिक जागरण कार्य की भूरि भूरि सराहना की। संस्था परिचय एवं कार्यक्रम उद्देश्य  नीलम जगदीश गुप्ता ने बताया। कार्यकम की अध्यक्षता राधाकिशन खेतान ने की कार्यक्रम का संचालन प्रतिभा त्रिवेदी ने किया। गणेश वंदना नृत्य  आयुषी भार्गव ने प्रस्तुत किया। तत्पश्चात प्रतिष्ठापूर्ण संक्षिप्त सादे समारोह में वीरांगना सम्मान से इंडियाफर्स्ट  श्रीनगर कश्मीर की मसूदाजान, गोंदिया महाराष्ट्र की सुषमा यदुवंशी, कोटा राजस्थान की सामाजिक कार्यकर्ता  सृष्टि गुरूवक्शणी, मुरैना से गीता सिंह गौर, ग्वालियर से भाजपा नेत्री एवं सामाजिक कार्यकर्ता अपर्णा पाटिल एवं पंजाबी साहित्य अकादमी की अध्यक्ष नीरू ज्ञानीसिंह को प्रदान किया गया। सभी वीरांगनाओं को शाल श्रीफल तलवार व प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। आभार प्रदर्शन सचिव आभा अनुपम राठौर ने किया। 
इस अवसर पर शीराज कुरैशी, शरद आहूजा, आशासिंह, सुजाता संग्राम सिंह, प्रतिभा द्विवेदी, मथुरा रावत, आलोक शर्मा, रवि अदालतवाले, रानी गुप्ता, राखी गेड़ा, माधुरी, सरोज सहित अन्य गणमान्य नागरिक  उपिस्थत थे।