प्रधानमंत्री द्वारा कृषि कानून वापस लेने पर जश्न ग्वालियर में किसान नेता बोले- तानाशाही हारी और किसान जीते, खुशी में बांटी मिठाई, सड़क पर जमकर नाचे

Nov 19 2021

ग्वालियर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार राष्ट्र्र के नाम संबोधन में तीनों कृषि कानून को वापस लेने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि इसी महीने होने वाली संसद के सत्र में इन कानूनों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी अपील की कि अब किसान अपने घर वापस लौट जाएं। प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद ग्वालियर में भी किसान नेताओं में खुशी है। जो सड़क पर देखने को मिली। अखिल भारतीय किसान संगठन (एआईकेएस) के किसान सदस्य जमकर नाचे हैं और मिठाई बांटी है। यहां के किसान नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
करीब एक साल से बिना रूके आंदोलन कर रहे अखिल भारतीय किसान संगठन के प्रदेश सचिव अखिलेश यादव का कहना है कि यह तानाशाही की हार है और किसानों की जीत है, लेकिन संयुक्त मोर्चा की बैठक के बाद ही आगे की रणनीति बनाई जाएगी। इतना ही नहीं ससंद में जब तक विधिवत यह कानून वापस नहीं हो जाते हैं आंदोलन जारी रहेगा। ग्वालियर ट्रैक्टर रैली, रेल रोको आंदोलन सहित कई तरह के प्रदर्शन किए गए थे।
पिछले साल संसद से पास हुए थे तीनों कानून
गौरतलब है कि तीनों नए कृषि कानून 17 सितंबर 2020 को संसद से पास कराया गया था। इसके बाद से लगातार किसान संगठनों की तरफ से विरोध कर इन कानूनों को वापस लेने की मांग की जा रही थी। किसान संगठनों का तर्क था कि इस कानून के जरिए सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को खत्म कर देगी और उन्हें उद्योगपतियों के रहमोकरम पर छोड़ देगी। जबकि, सरकार का तर्क था कि इन कानूनों के जरिए कृषि क्षेत्र में नए निवेश का अवसर पैदा होगा और किसानों की आमदनी बढ़ेगी। सरकार के साथ कई दौर की वार्ता के बाद भी इस पर सहमति नहीं बन पाई। किसान दिल्ली की सीमाओं के आसपास आंदोलन पर बैठकर इन कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। करीब एक साल से यह आंदोलन जारी है।
किसान नेताओं, भाजपा, कांग्रेस की प्रतिक्रिया
काले कृषि कानून के खिलाफ पूरे देश में प्रदर्शन हो रहे हैं। ग्वालियर 350 दिन से एआईकेएस आंदोलन कर रही है। रातो रात हमें फूलबाग पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते समय हटाया गया। कई प्रदर्शन किए। पर प्रधानमंत्री मोदी के कृषि कानून को वापस लेने का ऐलान करना बताता है कि तानाशाही हारी है और किसान जीते हैं। संयुक्त मोर्चा की बैठक में आगे की बात तय होगी। आंदोलन संसद में इन कानून के वापस लेने का प्रस्ताव पास नहीं होने तक जारी रहेगा।
अखिलेश यादव, प्रदेश सचिव अखिल भारतीय किसान संगठन
कृषि कानून वापस लेने का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऐलान किया है। किसान खुशियां मना रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कह दिया है तो संसद में भी कानून वापस लेने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। आगे बातचीज किसान संगठन और और भारत सरकार के बीच चल रही है। हां इससे किसान खुश हैं।
विवेक नारायण शेजवलकर, सांसद ग्वालियर
यह लोकतंत्र की जीत है। तीनों कृषि कानून को प्रधानमंत्री ने वापस लेने का ऐलान किया है। हम खुशी मना रहे हैं। तीनों कृषि कानून जब तक संसद में वापस नहीं हो जाते आंदोलन जारी रहेगा।
अवतार सिंह, किसान नेता(एआईकेएस)