लालटिपारा गोशाला में 11 टन गोबर से बनाए 25 फीट ऊंचे गोवर्धन, पूजा कर लिया आशीर्वाद

Nov 06 2021

ग्वालियर। लाल टिपारा स्थित मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी आदर्श गौशाला में शुक्रवार को 11 टन गोबर से 25 फीट ऊंचा गोवर्धन पर्वत बनाकर गोवर्धन उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल व नगर निगम आयुक्त किशोर कन्याल के साथ ही प्रेमानंद महाराज, पूर्व साडा अध्यक्ष जयसिंह कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में गौ सेवकों ने उपस्थित होकर गोवर्धन की पूजा की एवं अन्नकूट का प्रसाद ग्रहण किया। गोवर्धन पूजा का महत्व गाय, पर्वत, नदियां, प्रकृति आदि की रक्षा एवं पूजा करने से है। यह पर्व मनुष्य को प्रकृति की रक्षा व उसकी पूजा करने की प्रेरणा देता है।
गौशाला में प्रतिवर्ष होने वाली गोवर्धन पूजा को लेकर पिछले कई दिनों से तैयारियां चल रही थी। गौशाला के संरक्षक ऋषभ देव आनंद ने अपनी देखरेख में इस विशाल गोवर्धन पर्वत का निर्माण कराया है। इसमें 11 टन गोबर लगा है और इसे मथुरा के गोवर्धन पर्वत की तरह दर्शाया गया था। शुक्रवार को दीपावली के दूसरे दिन विधि विधान से गोवर्धन पर्वत की पूजा कर गोवर्धन महाराज की परिक्रमा लगाई गई। सनातन धर्म में मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने ऋषि के श्राप और इन्द्र के प्रकोप से गोकुल धाम को मुक्त करने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठा लिया था और उसे पूज्य बना दिया था।
वहीं, ऋषि के श्राप से भी गो पर्वत को मुक्ति दिलाई तभी से लोग गोवर्धन पूजा करते हैं। यह दीपावली के दूसरे दिन होती है। इस दिन सीजन की आने वाली नई सब्जियों को मिलाकर अन्नकूट का प्रसाद बनाया जाता है। यह सात्विक भोजन और पूजा-पाठ हमें कोरोना जैसी महामारियों से लडऩे की शक्ति प्रदान करती हैं।
आसपास के गांव भी पूजा में शामिल होते हैं
गौशाला के संरक्षक संत ऋषभ देव आनंद महाराज ने बताया कि लाल टिपारा स्थित गौशाला में हर साल दीपावली की पड़वा पर गोवर्धन पूजा का आयोजन किया जाता है। इसमें सनातन धर्म को मानने वाले और विभिन्न समाज सेवी संगठन के लोग बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। साथ ही आसपास के गांव के लोग पूजा में शामिल होते हैं।
दुल्लपुर में भी 253 परिवार के सदस्य एक जगह करते हैं पूजन
ग्वालियर शहर में दूसरे सबसे बड़े गोवर्धन की पूजा दुल्लपुर गांव में होती है, यहां गुर्जर समुदाय के 253 परिवारों के सदस्य एक साथ गोवर्धन की पूजा अर्चना कर सुख शांति समृद्धि की कामना करते हैं। यहां सैकड़ों लोग एक साथ पूजन करते हैं, तो वह दृश्य भी देखने लायक होता है। यहां भी काफी बड़े गोवर्धन बनाए जाते हैं।