अशोक नगर में पदस्थ लेखापाल के ग्वालियर स्थित निवास पर ईओडब्ल्यू का छापा, करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज मिले

Oct 27 2021

ग्वालियर।अशोकनगर नगर पालिका के अकाउंटेंट महेश दीक्षित के ग्वालियर स्थित घर पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने बुधवार को छापा मारा। ईओडब्ल्यू के अफसरों को अकाउंटेंट का सुरेश नगर में तीन मंजिला आलीशान मकान मिला है, जिसकी कीमत एक करोड़ रुपए से ज्यादा है। इसके अलावा ग्वालियर-भिंड की सीमा पर सेंथरी गांव में करोड़ों की 37 बीघा से ज्यादा की जमीन के दस्तावेज मिले हैं। घर से लाखों रुपए के जेवरात, कैश व अन्य बैंक से जुड़े दस्तावेज मिले हैं, हालांकि छापेमारी के दौरान अकाउंटेंट महेश घर से गायब मिला।
अभी ईओडब्ल्यू की टीम दस्तावेज की पड़ताल कर रही है। महेश दीक्षित ने 1990 में मात्र 950 रुपए से नौकरी की शुरू की थी। 31 साल की नौकरी में करोड़ों की संपत्ति बना ली। ईओडब्ल्यू के अफसर दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। अकाउंटेंट भांडेर, आतंरी, बिलौआ भिंड में सीएमओ के चार्ज में रहकर यह संपत्ति अर्जित की है।
ईओडब्ल्यू एसपी अमित सिंह ने बताया किया कि अकाउंटेंट महेश दीक्षित के संबंध में गोपनीय शिकायत हुई थी। जिस पर ईओडब्ल्यू की टीम ने जांच की और जब शिकायत सही लगी तो बुधवार सुबह एक साथ कई टीमों ने महेश दीक्षित के सुरेश नगर स्थित मकान, सेंथरी गांव में जमीन पर छापा मारा। टीम ने पूरे घर के मोबाइल, लैंड लाइन को अपनी निगरानी में लेकर छानबीन शुरू की। कुछ ही मिनटों में घर की अलमारी ने करोड़ों की सम्पत्ति के राज खोल दिए।
ज्यादातर सीएमओ के चार्ज में रहा
महेश कुमार दीक्षित की भर्ती बाबू के रूप में हुई थी। उसके बाद लेखा अधिकारी बना। अभी वह नगर पालिका अशोकनगर में अकाउंटेंट ही है। पर अपनी 31 साल की नौकरी में वह ज्यादातर सीएमओ (मुख्य नगर पालिका अधिकारी) के पद पर पदस्थ रहा है। वह दतिया के भांडेर, ग्वालियर के बिलौआ, आंतरी व भिंड में प्रभारी सीएमओ के चार्ज में रहा।
पत्नी के नाम से ज्यादातर प्रॉपर्टी
सीएमओ के चार्ज में रहे महेश कुमार की ज्यादातर प्रॉपर्टी पत्नी रामबाई दीक्षित और बच्चों के नाम पर है। ईओडब्ल्यू की टीम लगातार छानबीन कर रही है। घर से 61 हजार रुपए नगद, 11 प्रॉपर्टी के दस्तावेज और ज्वैलरी मिली है। कई बैंक में खातों की डिटेल भी मिली है।
यह संपति मिली 
ईओडब्ल्यू को कार्रवाई के दौरान एकाउंटेंट के घर से मकान व जमीन के दस्तावेजों के साथ ही नगदी व जेवर भी मिले हैं, जिनमें सुरेश नगर में तीन मंजि़ला मकान, ग्राम सेंथरी जि़ला भिंड में 1.8 हेक्टेयर कृषि भूमि, ग्राम सेंथरी में 0.67 हेक्टेयर कृषि भूमि दान में प्राप्त होना जिसका कोई वैधानिक आधार नहीं है, 1.56 हेक्टेयर कृषि, 1.31 हेक्टयेर कृषि भूमि, 1.65 हेक्टेयर कृषि भूमि, 1.37 हेक्टेयर कृषि भूमि, 0.58 हेक्टेयर कृषि भूमि, 0.325 हेक्टयेर कृषि भूमि, 0.28 हेक्टेर कृषि भूमि सेंथरी में होने के दस्तावेज मिले है। 
कार्रवाई कर रही टीम को डीएसपी सतीश चतुर्वेदी, निरीक्षक शैलेन्द्र सिंह कुशवाह, यशवंत गोयल, पारूल चंदेल, नीतू गुर्जर, एसआई घनश्याम भदौरिया, भीष्म तिवारी, जय सिंह यादव, योगेन्द्र दुबे, अखिलेश त्रिपाठी, एकता दीक्षित, एएसआई भक्ति पाराशर के साथ ही डेढ़ दर्जन जवान शामिल थे। 
950 रुपए से शुरू की थी जॉब
जांच में पता चला है कि आरोपी ने 1990 में तृतीय श्रेणी कर्मचारी के रूप में 950 रुपए माह से जॉब करना शुरू किया था। अब तक इनकी सैलरी को जोडऩे पर साठ लाख रुपए होते है, जबकि इनके घर से करोड़ों रुपए की संपत्ति मिली है। 
एकाउंटेंट फरार, मोबाइल बंद
जब ईओडब्ल्यू की टीम कार्रवाई करने एकाउंटेंटे के घर पहुंची तो वह अपने घर से गायब था और उसके दोनों मोबाइल स्विच ऑफ आ रहे हंै। इससे ईओडब्ल्यू अफसरों का मानना है कि संभवत: उन्हें कार्रवाई की जानकारी मिल गई और वह टीम के पहुंचने से पहले ही माल समेट कर चंपत हो गए। वहीं जांच में पता चला है कि परिवार में वह अकेले कमाने वाले थे और उनके दोनों बेटों ने बीटेक किया है और एक बेटा होम ट्यूशन देता है। 
ईओडब्ल्यू ने पकड़ी रफ्तार
ईओडब्ल्यू ने पिछले कुछ माह में जिले में ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। विशेष रूप से भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों में इन कार्रवाई से खौफ का माहौल बन चुका है। गौरतलब है कि अब ईओडब्ल्यू को अब भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई के अधिकार मिल चुके हैं।