निगमायुक्त को पहले से तैयार सूची पढ़कर सुना दी, हो गया निरीक्षण एक दरवाजा बजा देते तो आ जाता सच सामने

Oct 17 2021

ग्वालियर। रविवार को फिर निगमायुक्त किशोर कान्याल उन अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए जा रहे मकानों का निरीक्षण करने पहुंचें, जो गरीबों को दिए जाने हैं, यहां शातिर अधिकारियों ने उन्हे बना बनाया फाट सुना दिया, इस दौरान उन्होंने मातहतों को आदेश दिया कि जल्द से जल्द सभी हितग्राहियों को मकान दे दिए जाएं और निरीक्षण पूरा हो गया। यदि यहां किसी एक व्यक्ति से भी निगमायुक्त ने चर्चा कर ली होती तो सरकारी मल्टियों में जो निगम वालों का खेला चल रहा है उसकी हकीकत सामने आ जाती, इस दौरान जो आंकड़े निगमायुक्त को बताए गए वह भी आधे अधूरे ही थे। वास्तविकता यह है कि इन मकानों पर दबंगों के कब्जे हैं और वास्तविक हकदार निगम में चक्कर लगा-लगाकर थक चुके हैं। कई में तो निगम वालों के परिवार और रिश्तेदार ही है, कुछ को किराए पर भी उठाया गया है।
नॉन स्लम कैटेगरी की आवाज की कीमत पहले 7 लाख रुपए थी, इसकी कीमत शासन द्वारा अब 550000 निर्धारित की गई है। निगमायुक्त द्वारा संबंधित अधिकारियों को मार्च 2022 तक सभी फ्लैटों का निर्माण पूर्ण कर हितग्राहियों को आवंटित करने के निर्देश दिए गए । निर्माण एजेंसी द्वारा प्रोजेक्ट मैनेजर द्वारा मार्च 2022 तक कार्य पूर्ण करने के बारे में कहा गया तथा कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी पवन सिंघल, प्रोजेक्ट ऑफिसर अरविंद चतुर्वेदी, मनीष यादव एवं निर्माण एजेंसी के ठेकेदार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
नगर निगम आयुक्त किशोर कन्याल ने रविवार को सागर ताल पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए जा आवासों का निरीक्षण किया। निगमायुक्त ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को यहां के आवासों का कार्य तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि संबंधित हितग्राहियों को पजेशन देने की कार्रवाई जल्द से जल्द करें। इसके साथ ही जो आवास शेष रह गए हैं उनको भी तत्काल आवंटित करने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कन्याल को संबंधित अधिकारियों द्वारा बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मानपुर 1 में ईवीएस नॉन स्लम 912, एलआइजी 320 एवं एमआईजी 64 आवास बनाए जा रहे हैं।
जिसमें से निगम द्वारा अब तक 700 फ्लैट बेचे जा चुके हैं तथा 212 फ्लैट रिजर्व कैटेगरी के लिए हैं। इसके साथ ही एलआइजी 2 कैटेगिरी 104 फ्लैट बेचे जा चुके हैं तथा एमआईजी के 3 बीएचके 58 फ्लैट बेचे जा चुके हैं। इसमें 6 फ्लैट रिजर्व कैटेगरी के हैं।