पहले अटेंडेंट ने पीटा, फिर जूडा ने की मारपीट, अब जूनियर डाक्टर हड़ताल पर

Oct 16 2021

ग्वालियर। कमलाराजा अस्पताल में हुआ विवाद अब सड़कों पर मारपीट में बदल गया है। पहले अटेंडेंट ने अस्पताल में जूनियर डाक्टरों को पीटा, इसके बाद जूडा ने मारपीट करने वालों को पीट दिया। दोनों पक्ष थाने में पहुंच गए, हालांकि पुलिस ने अभी किसी पक्ष से एफआइआर दर्ज नहीं की है। उधर इस घटना के बाद सुरक्षा एवं आरोपितों के खिलाफ एफआइआर की मांग को लेकर जूनियर डाक्टरों ने हड़ताल शुरू कर दी है। जिससे जेएएच की व्यवस्थाएं गड़बड़ा गई हैं। सुबह से मरीज ओपीडी में परेशान है, क्योंकि चेकअप करने के लिए डाक्टर ही नहीं है। वार्डों में भी व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं, आनन-फानन में एसआर, जेआर की ड्यूटी लगाई गई है। जिससे मरीजों की देखभाल हो सके।
कुछ लोग एक बच्चे को कमलाराजा अस्पताल लेकर पहुंचे थे। ड्यूटी डाक्टर विनायक से जल्दी देखने को कहा, लेकिन उसने इमरजेंसी केस होने के कारण कुछ देर में आने की बात कही। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में बहस हुई। इसके बाद अटेंडेंट ने जेएएच अधीक्षक डा आरकेएस धाकड़ को भी फोन लगाया, लेकिन जूडा का कहना था कि उनके लिए सभी केस इमरजेंसी हैं, इसलिए वह किसी एक को तवज्जों नहीं दे सकते हैं। विवाद ज्यादा बढ़ा तो अटेंडेंट ने जूडा विनायक के साथ मारपीट कर दी। साथ ही धमकी देकर गए कि वह फूलबाग पर मिलते हैं, अगर दम है तो आ जाना। जूनियर डाक्टर फूलबाग फूलबाग पहुंचे थे और उन्होंने गांधी प्रतिमा के पास खड़े आधा दर्जन से अधिक युवकों को घेर लिया। इन युवकों के साथ मारपीट करना शुरू कर दी। झगड़े की सूचना मिलते ही पड़ाव थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले आई। 
डाक्टर भी पड़ाव थाने पर जमा हो गए। पुलिस ने एहतियात के तौर पर आसपास के थानों से बल बुला लिया है। डाक्टर युवकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराने के लिए अड़े हुए हैं। पुलिस ने फिलहाल दोनोंं ही पक्षों की तरफ से मामला दर्ज नहीं किया है। जूनियर डाक्टरों ने जीआर मेडिकल कालेज के डीन को ज्ञापन दिया है। इसके बाद हड़ताल पर चले गए हैं। जूडा की मांग है कि मारपीट के लिए दोषियों के खिलाफ एफआइआर की जाए, साथ ही सुरक्षा प्रदान की जाए। जूडा के हड़ताल पर जाने से अस्पताल की व्यवस्थाएं गड़बड़ा गई हैं। मरीजों की सुनवाई नहीं होने से अटेंडेंट आक्रोशित हैं। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने अब एसआर जेआर की ड्यूटी लगा दी है, जिससे मरीजों को कुछ राहत मिली है।