सजा साईं का दरबार

Oct 15 2021

ग्वालियर। सांई बाबा का समाधि दिवस शुक्रवार दशहरे के दिन मनाया गया। 103 साल में यह तीसरा मौका है जब साईं बाबा का समाधि दिवस उसी तारीख में पड़ा है जिस दिन दशहरा है। वहीं 19 साल में यह पहला मौका है जब साईं बाबा का समाधि दिवस दशहरे के दिन पड़ा है। साईं बाबा के समाधि दिवस के दिन बड़ी संख्या में विकास नगर स्थित मंदिर पहुंचकर भक्तों ने साईं बाबा के दर्शन किए।
साईं बाबा का समाधि दिवस पर फूलबाग चौराहे पर साईं बाबा का चार फीट ऊंचा दरबार सजाया गया। यहां पर सुबह से भजन कीर्तन चले। साईं भक्तों द्वारा फूलबाग चौराहे से गुजरने वाले भक्तों को बुला-बुलाकर प्रसादी वितरित की गई। साथ ही यहां से गुजरने वालों को मास्क भी वितरित किए गए। दोपहर 2 बजे साईं बाबा की आरती उतारी गई। इसके बाद भक्तों ने मौन धारण किया। ऊं सांई श्रद्धा सबूरी सेवा दल समिति के अध्यक्ष संजय क_ल ने बताया कि सांई बाबा ने 15 अक्टूबर को 1918 में समाधि ली थी। उस दिन विजयादशमी पर्व था और दोपहर के 2.30 बजे बाबा ने समाधि ली थी।
इसलिए भक्त 15 अक्टूबर 1918 से इसे सांई बाबा का समाधि दिवस मनाया जा रहा है। इस बार 19 साल बाद ऐसा संयोग बना है कि जब बाबा ने समाधि ली थी जब भी विजयादशमी का पर्व था और इस बार भी 15 अक्टूबर को भी विजयादशमी का पर्व है। 103 साल पहले ऐसा 1918 में उसके बाद 1964 में 15 अक्टूबर को विजयादशमी पर्व पड़ा था और उसके बाद 2002 में 15 अक्टूबर को भी विजयादशमी पर्व था और इस बार भी 15 अक्टूबर को विजया दशमी पर्व है। 103 साल में ऐसा संयोग केवल 3 बार आया है। इस अवसर पर संजय क_ल, राजेश जयसिंघानी, दीपक पमनानी, महेंद्र खत्री, अमित कुकरेजा, नरेश बतरा, हेमंत बाथम, रवि तालेगांवकर, विकास सोनी, गुरु दत्त जायसवाल आदि उपस्थित थे।