चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकना, ट्रैक पर खंडे रखने में आता था मजा आरपीएफ ने 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार

Oct 15 2021

ग्वालियर। ट्रेनों पर पत्थर फेंकने और ट्रैक पर खंडे रखने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह पकड़े गए आरोपी इंजन के सामने पत्थर रखते थे और उसके बाद ट्रेन के एसी कोच पर पत्थर फेंकते थे। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों में से एक भिंड और दो ग्वालियर के रहने वाले हैं। तीनों आरोपियों ने बताया कि वह नवरात्रि में पैदल शीतला माता मंदिर हर साल जाते हैं। जब ट्रैक के पास से गुजरते थे तो यह हरकत करते थे। चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकने में उन्हें मजा आता था। पुलिस ने पेट्रोलिंग के दौरान इन आरोपियों को पकड़ा है। फिलहाल इनसे पूछताछ की जा रही है।
दरअसल ग्वालियर रेलवे स्टेशन से झांसी की ओर जाने वाली ट्रेनों पर पथराव की 5 दिन में 2 शिकायत आई थीं। ट्रेनों के एसी कोच पर पत्थर फेंकने और ट्रैक पर खंडे रखने के मामले सामने आने के बाद रेलवे पुलिस ने रात को पेट्रोलिंग शुरू की। जब आरपीएफ की टीम पेट्रोलिंग कर रही थी तभी एजी ऑफिस पुल के पास तीन युवक पुलिस को नजर आए। युवक ट्रेन पर पथराव कर रहे थे। जिसके बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार किया। जिनकी पहचान गौरव गुर्जर निवासी ग्राम कतरोल जिला भिंड एपी एक्सप्रेस पर पत्थर उछाल रहा था। वही अन्य युवक देवेंद्र सिंह गुर्जर निवासी हस्तिनापुर और रामेंद्र गुर्जर निवासी बेहट के द्वारा रेलवे की ओएचई लाइन पर पत्थर फेंक रहे थे। पूछताछ में उसने बताया कि वह हर वर्ष नवरात्र में 9 दिन शीतला माता के मंदिर ग्वालियर से पैदल आते जाते है। इसी दौरान जब भी रेलवे ट्रैक पर किसी ट्रेन को आते जाते देखते थे तो उसके सामने पत्थर रखने या चलती ट्रेन में पत्थर मारने जैसी घटनाओं को अंजाम देते थे। वहीं पुलिस का मानना है कि इनकी हरकतों से एक बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल आरपीएफ थाना पुलिस ने तीनों युवकों को गिरफ्तार कर उनके विरोध संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। 
इस मामले में एसआई, आरपीएफ थाना अजय कुमार का कहना है कि ट्रेन पर पत्थर फेंकने और ट्रैक पर पत्थर रखने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह पकड़े गए आरोपी इंजन के सामने पत्थर रखते और उसके बाद ट्रेन के एसी कोच पर पत्थर फेंकते थे। गिरफ्तार किए गए तीनों युवकों में से एक युवक भिंड और दो ग्वालियर जिले के रहने वाले हैं। वह तो अपने मजे के लिए यह काम करते थे, लेकिन इससे कभी भी बड़ी घटना हो सकती थी।