बुजुर्ग को अकेला पाकर लूटे गहने और कैश, पुलिस ने हिरासत में लिया

Oct 13 2021

ग्वालियर। पुलिस ने फेसबुक पर पहले दोस्ती, प्यार और फिर बुजुर्ग के साथ लूट करने वाले दो छात्रों को गिरफ्तार किया है। 6 दिन पहले घर में अकेली 70 साल की रिटायर्ड शिक्षिका को बंधक बनाया, मुंह में कपड़ा ठूंसकर गहने और कैश लूटने वाले दोनों बदमाश बीए फर्स्ट ईयर के छात्र निकले हैं। लूट के बाद वह सीधे उज्जैन निकल गए थे।
यहां बाबा महाकाल के दर्शन कर उनसे लूट के लिए क्षमा भी मांगी। साथ ही वहां दान पुण्य किया, जिससे लूट का पाप उन पर न लगे। जब दोनों बदमाश वहां क्षमा याचना कर रहे थे तो यहां पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और एक ऑटो वाले की मदद से दोनों की पहचान कर ली। जैसे ही दोनों छात्र लौटे तो पुलिस ने उनको हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने दोनों से जब पूछताछ की तो उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया। आरोपियों के पास से लूटे गए सोने के कड़े बरामद कर लिए गए हैं। कहानी यहां खत्म नहीं होती है। लूट की असली कहानी तो फेसबुक पर दोस्ती, प्यार के इजहार से शुरू हुई थी। आरोपी की 6 महीने पहले एक लड़की से फेसबुक पर फ्रेंडशिप हुई थी। इसके बाद दोनों में प्यार हो गया। यह लड़की बुजुर्ग महिला के यहां 8 साल से काम कर रही थी। आरोपी कई बार वहां उससे मिलने जाता था। हर बार अकेली महिला और उसके सोने के कड़े देखकर उसके मन में लालच आ जाता था। यहीं से उसने लूट की प्लानिंग की। हालांकि पुलिस का कहना है कि लड़की को घटना के संबंध में कुछ भी पता नहीं था।
यह है पूरा मामला
जनकगंज स्थित न्यू शांति नगर निवासी 70 साल की प्रतिभा भटनागर रिटायर्ड शिक्षिका हैं। वह घर में अकेली रहती है। उनके साथ ही एक महिला और महिला की नाबालिग बेटी (16 साल) उनकी देखरेख के लिए रहती है। 6 अक्टूबर दोपहर करीब 12 बजे नौकरानी महिला किसी काम से बाजार गई थी। घर पर किशोरी थी जो दूसरी मंजिल पर स्थित अपने कमरे में खाना खाने गई थी और बुजुर्ग प्रतिभा आराम करने के लिए बेड पर लेटी थी। इसी बीच दो दोनों आरोपी आए और दुपट्टे से उसका मुंह बंद कर मारपीट की। इसके बाद दो हजार रुपए के साथ ही हाथ में सोने के कड़े लूट ले गए।
वारदात के बाद बदमाशों ने बुजुर्ग महिला को मुंह से आवाज निकालने पर जान से मारने की धमकी दी और वहां से दौड़ लगा दी। इसके बाद महिला घबराई सी वहीं बैठी रह गई। कुछ देर बाद जब खाना खाने के बाद उनकी देखभाल करने वाली किशोरी लौटी तो घटना का पता लगा। 24 घंटे तो महिला ने मामले की शिकायत ही नहीं की। फिर किसी ने पुलिस को सूचना दी तो पुलिस पहुंची तो वृद्धा से पूछताछ की गई। घटना के बाद से ही महिला काफी घबराई हुई थी। इसके बाद पुलिस ने अपने स्तर पर मामले की छानबीन शुरू की।
इसके बाद पुलिस ने छानबीन शुरू की तो एक बिल्डिंग पर लगे सीसीटीवी फुटेज में पहला सुराग मिला। दो लड़के घर की तरफ जाते हुए दिखे। पुलिस ने छानबीन की तो एक जगह फुटेज में दोनों लड़के ऑटो में बैठते दिखे। पुलिस की टीम ने 24 घंटे में ऑटो को ढूंढ़ निकाला। पता लगा कि ऑटो चालक ने दोनों लड़कों को हजीरा चौराहा पर उतारा था। इसके बाद पुलिस ने हजीरा चौराहा से सीसीटीवी फुटेज का चेक करना शुरू किए तो हजीरा के प्रसाद नगर तक पहुंचे। यहां फुटेज में दिखने वाले लड़कों की पहचान मोनू गोस्वामी, सन्नी पाल उर्फ शुभम उर्फ सन्नी शाक्य के रूप में हुई। उनके घर पता लगवाया तो जानकारी मिली कि वह उज्जैन गए हैं। इसके बाद पुलिस ने इंतजार किया। जैसे ही वह उज्जैन से घर लौटे उन्हें गिरफ्तार कर लिया। थाने लाकर पूछताछ की तो उन्होंने तोते की तरह पूरी कहानी सुना दी।
जीवन की पहली लूट तो मांगी महाकाल से माफी
पकड़े जाने के बाद आरोपियों ने बताया कि यह उनके जीवन की पहली लूट थी। इसलिए लूट के बाद उन्हें अच्छा नहीं लग रहा था। वह सीधे उज्जैन निकल गए और बाबा महाकाल से इसकी क्षमा याचना की। इसके बाद लौटे तो पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस का कहना है कि यह पहली लूट कह रहे हैं, लेकिन इनका जो तरीका है वह पेशेवर है। इनका रिकॉर्ड निकलवाया जा रहा है। इन पर और भी मामले हो सकते हैं।