स्मैक खपाने आए तस्कर दबोचे, 25 लाख की स्मैक मिली तीन तस्कर, कार व बाइक बरामद, क्राइम ब्रांच ने की कार्रवाई

Oct 09 2021

ग्वालियर। स्मैक खपाने आए एक तस्कर को क्राइम ब्रांच की टीम ने मुखबिर की सूचना पर नैनागिर रोड से पकड़ा है और उससे करीब दस लाख रुपए से ज्यादा की स्मैक तथा बाइक बरामद हुई है। पकड़े गए तस्कर से पूछताछ के बाद एक अन्य सूचना पर दो तस्करों को 15 लाख रुपए की स्मैक के साथ पकड़ा है। क्राइम ब्रांच ने पकड़े गए तस्करों से पूछताछ शुरू कर दी है। 
डीएसपी क्राइम रत्नेश तोमर व विजय भदौरिया ने बताया कि सूचना मिली थी कि नैनागिरी रोड पर एक तस्कर स्मैक की खेप लेकर आने वाला है। इसका पता चलते ही एसआई सतीश यादव व नरेन्द्र सिंह व क्राइम ब्रांच जवानों की टीम बनाकर मुखबिर के बताए स्थान पर क्राइम की टीम को पहुंचाया, तो स्प्लेण्डर बाइक पर सवार युवक ने भागने का प्रयास किया, लेकिन बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई और क्राइम ब्रांच ने तस्कर को दबोच लिया है। तस्कर की तलाशी ली तो उसके पास से करीब 105 ग्राम स्मैक के साथ ही दो हजार रुपए नगदी मिली। पुलिस ने उससे बरामद बाइक को जब्ती में लेकर आरोपी से पूछताछ शुरू की तो उसने अपना नाम नरेश चौहान पुत्र सीताराम चौहान निवासी सत्यनारायण की टेकरी बताया और बताया कि दो तस्कर ग्वालियर में स्मैक खपाने बरेठा पुल पर आ रहे हंै। 
बरेठा पुल से पकड़े दो 
तस्करों के आने का पता चलते ही एसआई नितिन छिल्लर व एएसआई राजीव सोलंकी के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की दूसरी टीम को रवाना किया गया और यहां पर क्राइम ब्रांच की टीम ने कार्रवाई कर दो आरोपियों को एक कार क्रमांक एमपी07एनएम3328 में पकड़ा, जिनके पास से करीब 100 ग्राम स्मैक बरामद की है। क्राइम ब्रांच की टीम ने इनसे पूछताछ की तो उन्होंने अपने नाम इंद्रजीत तोमर पुत्र अनिल तोमर निवासी पोरसा और दूसरे ने अपना नाम जितेन्द्र तोमर पुत्र रामकुमार तोमर निवासी पोरसा बताया है। तीनों तस्करों से बरामद स्मैक की कीमत करीब  15 लाख रुपए बताई गई है। 
क्राइम ब्रांच की टीम पकड़े गए तस्करों से पूछताछ कर पता लगा रही है कि वह स्मैक की खेप कहां से लाते थे और कहां-कहां पर खपाते थे, जिससे इनके अन्य साथियों को पकड़ा जा सके।
अमित सांघी एसपी ने बताया कि क्राइम ब्रांच की टीम ने दो अलग-अलग कार्रवाई में तीन तस्करों को स्मैक की खेप के साथ पकड़ा है। पकड़े गए तस्करों से पूछताछ की जा रही है, जिससे इनके अन्य साथियों का पता लगाया जा सके।