नवरात्रि महापर्व शुरू, मंदिरों में सुबह से लग रहे जयकारे पंडालों में विराजी सिंहवाहिनी

Oct 07 2021

ग्वालियर। सिंहवाहिनी मां दुर्गा गुरुवार सुबह से पंडालों में गाजे-बाजे के साथ शुभ मुहूर्त में पहुंची। दुर्गा प्रतिमा स्थापना से पहले विधि-विधान के साथ घट स्थापना की गई। गुरुवार को शारदीय नवरात्रि का पर्व विशेष संयोगों के साथ शुरू हो गया जो 14 अक्टूबर तक चलेगा। कोरोना संक्रमण के चलते माता की मूर्ति स्थापित करने वाले भक्त एहतियात बरत रहे हैं और विधि विधान के साथ प्रतिमाओं को स्थापित किया जा रहा है। नवरात्रि के पहले दिन मंदिरों में अच्छी खासी भीड़ नजर आ रही है। व्रतधारी भी माता की भक्ति करते हुए सुबह से व्रत रखे हुए हैं।
सिंहवाहिनी मां दुर्गा की प्रतिमाएं पंडालों में स्थापित करने के लिए सुबह से ही भक्त मूर्तिकारों के यहां खड़े नजर आ रहे हैं और मूर्तिकार भी प्रतिमाओं को फाइनल टच देने के लिए रातभर जुटे रहे। पंडितों के अनुसार गुरुवार 7 अक्टूबर को सुबह 6.17 बजे शुभ मुहूर्त में घट स्थापना शुरू की गई। पहले दिन भक्त मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की। भक्त 9 दिन तक मंदिरों में पहुंचकर मनोकामनाएं मांगेंगे तो पंडालों में भी धार्मिक आयोजन कोरोना संक्रमण से बचाव करते हुए किए जाएंगे। भक्त मूर्तिकारों के यहां से प्रतिमाओं की आरती कर गाजे-बाजे और ढोल ताशों के साथ स्थापित करने के लिए ले जा रहे हैं।
तड़के से ही पहुंचे भक्त
नवरात्रि के पहले दिन पंडालों में जहां प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं तो वहीं देवी मंदिरों को भी झिलमिल लाइटों से सजाया गया है। सुबह से ही भक्त देवी मंदिरों में पहुंचकर परिवार की खुशहाली और इस महामारी से बचाव करने के लिए मनोकामनाएं मांग रहे हंै। शहर के प्रसिद्ध देवी मंदिर मांढरे की माता, नहर वाली माता, शीतला माता मंदिर, मंशा देवी माता, वैष्णो देवी माता, भेलसे वाली माता, पहाड़ों वाली माता, काली माता मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में भक्त पहुंचकर पूजा अर्चना कर रहे हैं तो वहीं देवी मां को जल अर्पित कर शृंगार किया जा रहा है।
बाजारों में लगा जाम
शहर में गुरुवार सुबह से ही दुर्गा उत्सव की धूम दिखाई दे रही है। शहर में इस बार पांच सैकड़ा से अधिक पण्डालों में माता विराजमान हो रही है। शहर की दुर्गा उत्सव समितियों से जुड़े भक्त माता की मूर्तियों को लेने नई सड़क, फूलबाग मैदान व कटोरातल सहित उपनगर हजीरा व मुरार में सुबह से ही पहुंचना शुरु हो गए थे। गाजे-बाजे पर थिरकते माता में भक्त पूरी तरह से मां की आरधना में डूबे दिखे। माता प्रतिमाओं के चलते शहर के मुख्य बाजारों में जाम की स्थिति भी निर्मित हुई।