गुरू गोबिंद साहिब की प्रेरणा समाज के हर वर्ग के लिए प्रासंगिक-ज्योतिरादित्य सिंधिया

Oct 05 2021

ग्वालियर। किला स्थित गुरुद्वारा दाताबंदी छोड़ के 400 वर्ष पूरे होने पर चल रहे तीन दिवसीय महोत्सव में मंगलवार को केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पहुुंचे हैं। गुरुद्वारा पहुंचकर सबसे पहले केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने गुरु के दरबार में मत्था टेक कर आशीर्वाद लिया। संगतों से मुलाकात की।
केन्द्रीय मंत्री सिंधिया बोले कि जब भी 400 साल पुराने गुरु गोबिंद सिंह जी के 52 राजाओं को मुक्त कराने की घटना का दृश्य देखता हूं, तो भावुक हो जाता हूं। आयोजन के संबंध में कहा कि यह बहुत ऐतिहासिक पर्व है। ग्वालियर, सिख समाज के लिए ही नहीं बल्कि विश्व के लिए बड़ा आयोजन है।
400 साल पहले सिख समाज के छटवें गुरु गोबिंद सिंह ने ग्वालियर किले पर बने बंदीगाह में कैद 52 राजाओं को जहांगीर की कैद से अपने साथ रिहा कराया था। उस घटना को इस वर्ष चौथी शताब्दी हो गई है। इसी उपलक्ष्य में तीन दिवसीय विश्वस्तरीय महोत्सव गुरुद्वारा दाताबंदी छोड़ पर सोमवार से शुरू हुआ है।
समारोह के पहले ही दिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का आने का कार्यक्रम था, लेकिन किन्ही कारणों के चलते यह मुख्यमंत्री और केन्द्रीयमंत्री का आना रद्द हो गया था। पर महोत्सव के दूसरे दिन मंगलवार सुबह अचानक 4 बजे केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का कार्यक्रम आया कि वह 8.30 बजे ग्वालियर पहुंच रहे हैं और सीधे वहां से गुरुद्वारा दाताबंदी छोड़ पहुंचेंगे। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर भी हलचल मच गई। जल्दी-जल्दी सिंधिया के आगमन की तैयारियां पूरी कर ली गईं।
सुबह 9 बजे केन्द्रीय मंत्री सिंधिया गुरुद्वारा पहुंचे हैं। उस समय गुरु ग्रंथ साहिब पाठ किया जा रहा था। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरु ग्रंथ साहिब के सामने मत्था टेका और गुरु का आशीर्वाद लिया। इसके बाद वहां बाहर से आई संगतों से मुलाकात की।
कोविड के बीच इतने व्यवस्थित आयोजन पर सिख समाज की तारीफ की
केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुद्वारा में मत्था टेकने के बाद कोविड के बीच इतना बड़ा और व्यवस्थित आयोजन करने पर सिख समाज की तारीफ की। वह बोले यहां वैक्सीन लगाई जा रही है बिना मास्क के किसी को एन्ट्री नहीं दी जा रही है। इस तरह का कार्यक्रम करवाना ही अपने आप में तारीफ के काबिल हैं। इसके आलावा सिंधिया ने कहा है कि यह ऐतिहासिक कार्यक्रम है। यह ग्वालियर के लिए गौरव है। इसलिए ही मैं यहां आया हूं अपना सौभाग्य मानता हूं। साथ ही इस आयोजन के लिए सभी सिख समाज के भाई बहन को बधाई।
नहीं दिए राजनीतिक सवालों के जवाब
केन्द्रीय मंत्री सिंधिया के आगमन के पूर्व ही मीडिया को ऊपर गुरुद्वारा जाने से रोक दिया गया था। जब मीडिया ने सिंधिया से गुरुद्वारा और कार्यक्रम के संबंध में बात की तो उन्होंने खुलकर बात की, लेकिन जब मध्य प्रदेश में उपचुनाव या लखीमपुर खीरी पर बात करना चाहिए तो वह यह कहकर आगे निकल गए कि धार्मिक कार्यक्रम में आया हूं धार्मिक ही बात होगी। गुरुद्वारा से कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सिंधिया जयविलास पैलेस पहुंचे हैं। यहां से वह सीधे एयरपोर्ट गए और दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
सुबह से मुस्तैद थी पुलिस
ग्वालियर में सुबह से ही पुलिस काफी मुस्तैद दिखाई दी। विशेष रूप से मोती पैलेस, जयविलास पैलेस मार्ग पर खासा पुलिस बल तैनात था। पहले लगा कि शायद प्रभात फेरी या अन्य आयोजन के लिए पुलिस बल तैनात है। हालांकि यह पुलिस फोर्स निर्धारित प्रोटोकाल के तहत केंद्रीय मंत्री सिंधिया के लिए लगाया गया था।
इस साल दाताबंदी छोड़ को 400 साल हो गए हैं पूरे
मुगल बादशाह जहांगीर ने ग्वालियर किले में 52 राजपूत राजाओं के साथ छठवें सिख गुरु हरगोविंद साहब को किले में कैद कर रखा था। पर उसके बाद जहांगीर की मानसिक हालत बिगडऩे लगी। सपने में उनको एक फकीर ने संदेश दिया कि गुरु हरगोबिंद सिंह जी को रिहा करने के बाद वह ठीक हो जाएंगे। जब सिख गुरु हरगोविंद सिंह जी को रिहा किया जा रहा था तो उन्होंने अपने साथ 52 राजाओं को रिहा करने की शर्त रखी थी। जिसके बाद उनके साथ सभी राजाओं को रिहा किया गया था। जब यह रिहा होकर अमृतसर पहुंचे तो वहां दीपमाला की गई थी। इस दिन को सिख पंथ दाता बंदी छोड़ दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष दाताबंदी छोड़ दिवस को 400 साल पूरे हो गए हैं।
मास्क बांटे जा रहे, वैक्सीन लगाई जा रही हैं
किले पर पहुंचने वाले ऐसे श्रद्धालु जिनके पास मास्क नहीं है उनको मास्क दिए जा रहे हैं। साथ ही वैक्सीनेशन कैंप पर भी सुबह से भीड़ लगी है। लोग पहले वैक्सीन लगवा रहे हैं और फिर गुरुद्वारा में मत्था टेक रहे हैं। यहां तीन दिन में लाखों लोगों के आने की संभावना है। लंगर में भी 24 घंटे तंदूर में आग जल रही है। हर एक घंटे में 2 से 3 हजार रोटियां बन रही हैं। आनंदपुर साहिब की संगत पूरी व्यवस्था संभाल रही है। 800 से ज्यादा लोग 24 घंटे मेगा किचन में काम कर रहे हैं।