दाताबंदी छोड़ गुरुद्वारा पर 3 दिवसीय महोत्सव शुरू गुरु ग्रंथ साहिब पाठ से शुरू हुआ विश्वस्तरीय उत्सव

Oct 04 2021


कनाडा, अमेरिका, इंग्लैंड और अन्य देशों से आए श्रद्धालु

ग्वालियर। किला स्थित सिखों के धार्मिक तीर्थ स्थान दाताबंदी छोड़ गुरुद्वारा पर दाताबंदी छोड़ के 400वां साल पूरे होने पर तीन दिवसीय विश्वस्तरीय महोत्सव की शुरुआत सोमवार को हो गई। सुबह गुरु ग्रंथ साहिब के पाठ किया गया। इसके पहले पंजाब के स्वर्ण मंदिर गुरुद्वारा से शब्द चौकी लेकर से पैदल निकला 100 तीर्थ यात्रियों का जत्था ग्वालियर पहुंचा है। ग्वालियर में इस जत्थे का जगह-जगह पर स्वागत हुआ है।
इस तीन दिन के महोत्सव में देश से ही नहीं विदेश से भी बाबा के भक्त शामिल हो रहे हैं। भारत के अलावा कनाडा, अमेरिका, इंग्लैंड, दुबई और मलेशिया से भी सिख समुदाय के लोग ग्वालियर पहुंचे हैं। दोपहर में श्रीसहज पाठ साहिब भोग हुआ। इसके बाद दोपहर 2.30 बजे सर्वधर्म सम्मेलन। शाम 5 बजे अमन दीप सिंह का कीर्तन और रात 9 बजे कीर्तन दरबार के साथ ही कवि दरबार सजेगा।
किले पर जाने वाले सभी रास्ते फुल
दाताबंदी छोड़ गुरुद्वारा पर दाताबंदी छोड़ के 400 साल पूरे होने पर विशेष महोत्सव में शामिल होने के लिए सोमवार सुबह से ही संगतों के आने का दौर शुरू हो गया था। देश और विदेश के कई शहरों से लोग यहां पहुंच रहे हैं। अनुमान था कि एक दिन में 10 से 15 हजार श्रद्धालु ही आएंगे, लेकिन यह रिकॉर्ड तो सुबह 9 बजे ही टूट गया। किले की तरफ जाने वाले हर रास्ते पर भीड़ के हालात रहे।
इसके बाद सेवादार देवेन्द्र सिह ने मोर्चा संभाला और व्यवस्था बनाई। जिसके बाद भीड़ को रास्ते में कई पॉइंट पर रोककर गुरुद्वारा तक पहुंचाया गया। किले के मुख्य दरवाजे पर ही रोक लिया गया है। लोग पैदल चलकर ही गुरुद्वारा तक पहुंच रहे हैं। सेवा कार्य में लगे वाहन ही किले पर ऊपर जा रहे हैं।
मास्क बांटे जा रहे, वैक्सीन लगाई जा रही हैं
किले पर पहुंचने वाले ऐसे श्रद्धालु जिनके पास मास्क नहीं है उनको मास्क दिए जा रहे हैं। साथ ही वैक्सीनेशन कैंप पर भी सुबह से भीड़ लगी है। लोग पहले वैक्सीन लगवा रहे हैं और फिर गुरुद्वारा में मत्था टेक रहे हैं। यहां तीन दिन में 4 से 5 लाख लोगों के आने की संभावना है। लंगर में भी 24 घंटे तंदूर में आग जल रही है। हर एक घंटे में 2 से 3 हजार रोटियां बन रही हैं। आनंदपुर साहिब की संगत पूरी व्यवस्था संभाल रही है। 800 से ज्यादा लोग 24 घंटे मेगा किचन में काम कर रहे हैं।
आकर्षक रंग में सजा है गुरुद्वारा
इस तीन दिवसीय महोत्सव के लिए किले पर गुरुद्वारा दाताबंदी छोड़ को आकर्षक रंग बिरंगी लाइट्स से सजाया गया है। मकराना के सफेद मार्बल्स पर जब लाल,पीले व नीले रंग की लाइट्स पड़ती है तो गुरुद्वारा की खूबसूरती देखते ही बनती है। दिन में गुरुद्वारा दाताबंदी छोड़ की सुंदरता अलग होती है और शाम ढलते ही रंगत अचानक बदल जाती है।