जीवन में किसी भी क्षेत्र में सफलता की कुंजी है अनुशासन-जयति सिंह

Sep 29 2021

ग्वालियर। कड़ी मेहनत और अनुशासन ही सफलता की कुंजी है, सफलता के लिए युवा लक्ष निर्धारित कर अपनी मंजि़ल प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करें। लक्ष्य निर्धारित कर किए गए प्रयास कभी विफल नहीं होते। असफलताओं से घबरा कर रुकना नहीं चाहिए बल्कि और ताक़त से अपनी मंजि़ल प्राप्ति के लिए प्रयास में जुट जाना चाहिए।
यह बात आज मंगलवार को स्मार्ट सिटी के तहत पुनर्विकसित टाउन हॉल में विद्यार्थियों के लिए आयोजित मार्गदर्शन कार्यक्रम के दौरान स्मार्ट सिटी सीईओ, 2016 बैच की आईएएस अधिकारी जयति सिंह व यूपीएससी 2020 में ऑल इंडिया स्तर पर 16 वीं रैंक पाने वाले अर्थ जैन ने कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों से अपने अनुभव साझा करते हुए कही।
स्मार्ट सिटी द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसमें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के सबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत में ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ ने अपनी तैयारियों के अनुभव साझा किए। जयति सिंह ने कहा की उन्होंने अपने समय की तैयारी मैं किस प्रकार की प्रक्रिया अपनाई उसके बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि सबसे पहले प्लानिंग और कमिटमेंट होना चाहिए क्योंकि कई बार ऐसे अवसर आते हैं कि हम उस स्तर पर तैयारी करते हैं जहां से परीक्षा उाीर्ण करना संभव नहीं होता है और उस परीक्षा को छोड़ देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को ब्रेक टेकनिक के बारे में बताया। श्रीमती सिंह ने बताया कि विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी करते समय अपनी क्षमताओं के अनुरूप प्लान बनाकर तैयारी करने के बारे में भी विस्तार से समझाया।
उन्होंने तैयारी के समय ग्रुप लर्निंग के महत्व को भी विद्यार्थियों के साथ साझा किया। वहीं हाल ही में यूपीएससी के परिणामों में चयनित हुए अर्थ जैन ने बताया कि सिविल सर्विसेज परीक्षा में ऑप्शनल सजेट का विशेष स्थान होता है और ऐसा सब्जेट चुनना चाहिए जिसमें प्रतिस्पर्धा कम हो जाए ताकि चयन के अवसर बढ़ सकें।
उन्होंने दैनिक अखबार व इंटर्नेट पोर्टल पर उपलध कांटेंट की समरी को भी तैयारी में शामिल करने के बारे में समझाया। कार्यक्रम में बड़ी संया में उपस्थित विद्यार्थियों ने अपने परीक्षा सबंधी तैयारियों को लेकर दोनों मार्गदर्शकों से सवाल पूछे जिनको लेकर दोनों ही मार्गदर्शकों ने विस्तारपूर्वक जवाब दिए।