डॉक्टर बेटे को सरप्राइज देने निकली मां लापता- 33 दिन से मां की तलाश में भटक रहा है बेटा

Sep 28 2021

ग्वालियर। डॉक्टर बेटे को बर्थ-डे पर सरप्राइज देने ग्वालियर से दिल्ली के लिए निकली एक मां संदिग्ध हालात में लापता हो गई है। महिला को लापता हुए 33 दिन बीत गए हैं। बेटा अपनी तरफ से सारे प्रयास कर चुका है, पर जीआरपी ग्वालियर गंभीरता नहीं दिखा रही है। बेटे ने मां की सूचना देने वाले को 50 हजार रुपए का नकद ईनाम देने की भी घोषणा की है।
घटना 26 अगस्त 2021 की है। जब डॉक्टर बेटे ने घटना वाले दिन के ग्वालियर रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज निकलवाए तो उसमें टीटी की यूनिफार्म में एक युवक उनको मिसगाइड करता हुआ दिख रहा है। वह उनको कुछ कह कर अपने साथ ले गया है। घर से निकलते समय महिला ने करीब डेढ़ लाख रुपए के गहने पहने हुए थे। बेटे ने नया घर लिया है इसलिए काफी सामान भी रखा था। कैश भी था। मंगलवार को डॉक्टर बेटा ने ग्वालियर पुलिस अधीक्षक से इस संबंध में मदद की मांग की है।
ग्वालियर के उपनगर मुरार में आर्य नगर गली नंबर एक में केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के पड़ोसी विकास कुलश्रेष्ठ डॉक्टर हैं। विकास दिल्ली के एक टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर हॉस्पिटल में पदस्थ हैं। उनका एक छोटा भाई है वह भी उनके पास रहता है। दिल्ली के रोहिणी सेक्टर में विकास ने अभी एक नया घर खरीदा है। 25 अगस्त को विकास का जन्मदिन था। उस दिन विकास की अपनी मां वंदना कुलश्रेष्ठ (47) से बात हुई थी। अगले दिन वंदना बेटे को सरप्राइज देने के लिए यहां अपने पति को बताकर दिल्ली के लिए निकली थीं। जब शाम को विकास को कॉल कर उसके पिता ने वंदना के पहुंचने के बारे में पूछा तो वह आश्चर्य चकित रहे गए। इसके बाद वह पंजाब मेल की टाइमिंग पर स्टेशन पहुंचे, लेकिन उस ट्रेन से मां नहीं पहुंची थी। इसके बाद वंदना की तलाश ग्वालियर से लेकर दिल्ली तक की गई, लेकिन कुछ पता नहीं चला। आखिर में 30 अगस्त को ग्वालियर के जीआरपी थाना में गुमशुदगी दर्ज कराई गई है।
स्टेशन पर टीटी यूनिफार्म वाला युवक बातों में लगाकर ले गया
अपनी मां को तलाशता हुआ दिल्ली से डॉक्टर बेटा ग्वालियर पहुंचा। यहां 26 अगस्त को उस समय की ट्रेनों का चार्ट निकाला। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज निकाले। फुटेज में एक युवक जो टीटी की यूनिफार्म में है। वह महिला से कुछ कहता है। फिर कुछ समझाने लगता है। इसके बाद महिला उसके पीछे-पीछे चली जाती है। युवक महिला का एक बैग लेकर अपने कंधे पर टांग लेता है। इसके बाद वह प्लेटफार्म नंबर दो से झेलम एक्सप्रेस में सवार हो जाते हैं। जब यह टीटी के फुटेज स्टेशन पर दिखाए तो रेलवे से किसी ने भी उसकी पहचान नहीं की। इतना ही नहीं यह भी बताया कि यह फर्जी या कोई ठग हो सकता है। यह फुटेज भी परिजन ने जीआरपी थाना पुलिस को दे दिए हैं, लेकिन पुलिस कुछ भी पता नहीं लगा पा रही है।
मथुरा तक ट्रेन के डी-3 कोच में देखी गईं हैं
पुलिस ने कुछ नहीं किया तो डॉ. विकास ने अपनी मां को तलाशने के लिए ट्रेन के कन्फर्म टिकट का चार्ट निकाला। जितने भी लोग ग्वालियर से ट्रेन में चढ़े थे उनको कॉल किया। तब जाकर एक नंबर पर युवती ने कन्फर्म किया कि इस हुलिया और ऐसे सामान वाली एक महिला को मैंने अपने डी-3 कोच में सीट पर बैठे देखा था। विकास ने अपनी मां का फोटो उस यात्री के मोबाइल पर भेजा। युवती ने फोटो देखकर बताया की वो महिला डॉक्टर की मां ही थी कन्फर्म किया। साथ ही बताया कि मथुरा के बाद वह नहीं दिखी।
लापता के बेटे डॉ. विकास कुलश्रेष्ठ का कहना है कि किसी भी हाल में मेरी मां को पुलिस तलाश कर लाए। जब वह घर से निकली थीं वह डेढ़ लाख के गहने भी पहने थीं। क्योंकि तीन दिन पहले ही रक्षाबंधन था। इसके साथ ही वह आदमी जो उनको ले जा रहा है। उसका पकड़ा जाना भी बेहद जरूरी है। ऐसे लोग खतरनाक हो सकते हैं।
एएसपी शहर सतेन्द्र सिंह तोमर का कहना है कि यह मामला जीआरपी थाने में दर्ज है। वहां के अफसरों से बात कर मामले में तत्काल कार्रवाई के लिए कहा है। साथ ही ग्वालियर पुलिस भी जो मदद कर सकती है करेगी।