मांडरे की माता व खेड़ापति मंदिर की पूजा कर सिंधिया ने लिया आशीर्वाद

Sep 23 2021

ग्वालियर। गुरुवार को अपने प्रवास के दूसरे दिन की शुरूआत केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य ने तीन दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन की शुरूआत गुरुवार को मांडरे की माता मंदिर में पूजा अर्चना से की। इसके बाद वह खेड़ापति मंदिर भी गए और यहां पूजा अर्चना कर हनुमान जी का आशीर्वाद लिया है।
मंदिर के बाहर मीडिया से बात करते हुए सिंधिया बोले हैं कि भविष्य में किस तरह का ग्वालियर होगा उसको लेकर चर्चा कर रहा हूं। बुधवार को मेरा जो स्वागत किया गया उससे अभिभूत हूं, कृतज्ञ हूं।
मेरा जीवन जनसेवा, विकास के लिए समर्पित है। मध्य प्रदेश के विकास के लिए काम करता रहूंगा। मांडरे की माता से मेरा अटूट रिश्ता है। यहां हर साल आता हूं। मेरी दादी, पिता यहां आते थे। जब भी मुझे मौका मिलता है मैं दर्शन करने आ जाता हूं। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सुबह जब मांढऱे की माता मंदिर में पहुंचे तो पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा भी मौजूद थे। मंदिर में प्रवेश करते समय जब सिंधिया ने पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा को बिना मास्क के देखा तो अपना मास्क उतारकर उनको पहना दिया। दोनों की नजदीकियां बहुत कुछ समीकरण बनाती हैं।
कार्यकर्ताओं से मिले
गुरुवार की सुबह से ही जयविलास पैलेस पर कार्यकर्ताओं की भीड़ जमा होना शुरू हो गई थी। सिंधिया ने कार्यकर्ताओं से मुलाकात करके वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की। इसके बाद जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, पूर्व मंत्री इमरती देवी सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ रवाना हुए।

अनूप मिश्रा बोले मदभेद थे मनभेद कभी नहीं थे

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के भांजे व प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा मांडरे की माता मंदिर में उनके साथ रहे। उनकी और सिंधिया की नजदीकियां राजनीति के नए समीकरण बना रही हैं। इस पर अनूप मिश्रा का कहना था कि ज्योतिरादित्य सिंधिया से अलग-अलग पार्टी के होने के कारण मदभेद थे, लेकिन मनभेद पहले भी नहीं था और अब भी नहीं हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी को सिंधिया परिवार ने काफी मदद की थी। तब से हमारे इस परिवार से संबंध हैं।