सवा माह बाद ग्वालियर को मिले निगम कमिश्नर

Sep 15 2021

ग्वालियर। ग्वालियर नगर निगम आयुक्त की कुर्सी आखिर सवा माह बाद भर गई है। अपर कलेक्टर आशीष तिवारी के तबादले के बाद राज्य शासन ने जिला पंचायत सीईओ किशोर कान्याल को निगम आयुक्त का प्रभार सौंप दिया है। इससे शहर विकास को गति तो मिलेगी ही साथ ही जनता की समस्याओं की सुनवाई में भी तेजी आएगी। आदेश जारी होने के बाद किशोर कान्याल निगम मुख्यालय पहुंचे और पदभार गृहण किया।
श्योपुर में बाढ़ के बाद जब हालात बिगड़े तो तबादलों की झड़ी लग गई थी। ऐसे में व्यवस्था बनाने के लिए तत्कालीन निगमायुक्त शिवम वर्मा को श्योपुर कलेक्टर बनाया गया था। इसके बाद श्योपुर की तो व्यवस्था बन गई, लेकिन ग्वालियर में हालात बिगडऩे लगे। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सफाई व्यवस्था चरमरा गई, वहीं बदहाल सड़कों के कारण आमजनता में भी आक्रोश पनपने लगा था। ऐसे में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने व्यवस्था बनाने के लिए अपर कलेक्टर आशीष तिवारी को निगमायुक्त का प्रभार सौंप दिया था। इससे कुछ सुधार जरूर हुआ, लेकिन स्थाई निगमायुक्त नहीं होने के कारण भुगतान सहित अन्य मामले अटके हुए थे। जिससे शहर में विकास कार्यों की रफ्तार धीमी हो गई थी। बुधवार को अपर कलेक्टर आशीष तिवारी का तबादला होने के साथ ही जिला पंचायत सीईओ किशोर कान्याल को भी नगर निगम आयुक्त का प्रभार सौंपने के आदेश जारी हो गए।
राजनीतिक खींचतान में अटकी थी पोस्टिंग
शिवम वर्मा को श्योपुर कलेक्टर बनाए जाने के बाद ही निगमायुक्त की नियुक्ति होना थी, लेकिन राजनीतिक खींचतान में उलझ जाने के कारण पोस्टिंग में करीब सवा माह का समय लग गया।
व्यवस्थाएं सुधरेंगी
शहर में वर्तमान में बदहाल सड़कें, सीवर एवं सफाई आमजन के लिए परेशानी बने हुए हैं। अपर कलेक्टर आशीष तिवारी को भी केवल प्रभार दिया गया था, इसलिए वह भी पूरा समय निगम को नहीं दे पा रहे थे। इसके चलते जनता की सुनवाई ही नहीं विकास कार्यों की रफ्तार भी काफी धीमी हो गई थी। किशोर कान्याल लंबे समय से जिला पंचायत सीईओ के पद पर ग्वालियर में ही पदस्थ हैं, इसलिए वह शहर की नब्ज को भी बेहतर तरीके से जानते हैं। ऐेसेे में व्यवस्थाओं में सुधार की संभावना जताई जा रही है।
श्री कान्याल को निगमायुक्त का दायित्व मिलने पर उन्हें बधाईयां मिलने का सिलसिला प्रारंभ हो गया।