हाईकोर्ट में आयोजित हुई नेशनल लोक अदालत में 367 प्रकरणों का निराकरण.पीड़ित पक्षकारों को दिलाया 1.82 करोड़ से अधिक अतिरिक्त क्षतिधन

Sep 11 2021

ग्वालियर 11 सितम्बर  राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार एवं न्यायाधिपति  शील नागू के मार्गदर्शन में शनिवार को उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नेशनल लोक अदालत का आयोजन हुआ। नेशनल लोक अदालत के लिये हाईकोर्ट में बनी खण्डपीठों द्वारा कुल 367 प्रकरणों का आपसी सहमति के आधार पर निराकरण किया गया। साथ ही मोटर दुर्घटना क्लेम के अपील प्रकरणों में पीड़ित पक्षकारों को एक करोड़ 82 लाख 3 हजार से अधिक रूपए अतिरिक्त क्षतिधन के रूप में दिलाए गए   उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर में नेशनल लोक अदालत के तहत प्रकरणों के निराकरण के लिये न्यायाधिपति  आनंद पाठक व सीनियर एडवोकेट  के एन गुप्ता, न्यायाधिपति  जी एस अहलूवालिया व सीनियर एडवोकेट  एन के गुप्ता एवं  न्यायाधिपति  आर के श्रीवास्तव व सीनियर एडवोकेट  जे डी सूर्यवंशी की खण्डपीठ गठित की गईं थीं। इन खण्डपीठों द्वारा 137 मोटर दुर्घटना क्लेम अपील, 89 कंटेम्प्ट पिटीशन, 64 रिट पिटीशन, 62 आपराधिक व 15 सिविल प्रकरणों सहित कुल मिलाकर 367 प्रकरणों का आपसी सहमति के आधार पर निराकरण किया गया    खण्डपीठ के विधिक सहायता अधिकारी  बृजेन्द्र सिंह भदौरिया ने बताया कि एक प्रकरण जिसमें 30 मार्च 2014 को प्रशांत नामक व्यक्ति आयशर ट्रक में बैठकर शिवपुरी से भिण्ड आ रहा था। तेजी से एवं लापरवाहीपूर्वक चलाया जा रहा ट्रक पलट गया, जिससे प्रशांत की ट्रक के नीचे दबने से मृत्यु हो गई। चालक ट्रक को छोड़कर भाग गया। उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर की लोक अदालत में मोटर दुर्घटना क्लेम अधिकरण ग्वालियर द्वारा मृतक के वारिसान को दिलाए गए क्षतिधन में साढ़े चार लाख रूपए की वृद्धि की गई।