अल्पना टाकीज ओल्ड रोड मुरार क्षेत्र में हुए ट्रिपल मर्डर केस का खुलासा - भतीजे ने ही मौसी, मौसा और उनकी बेटी को मार डाला, एक गिरफ्तार, दो फरार

Sep 08 2021

ग्वालियर।अल्पना टाकीज ओल्ड रोड मुरार क्षेत्र में हुए ट्रिपल मर्डर केस में आखिरकार पुलिस ने 48 घंटे में खुलासा कर दिया है। हत्या करने वाला कोई और नहीं मृतक का साढू का बेटा ही निकला है। अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर पूरी वारदात को अंजाम दिया है। तीनों चोरी करने घर में घुसे थे। जिसकी नींद खुलती गई, उसे मारते गए। एक-एक करके मौसा, मौसी और मौसेरी बहन को मौत के घाट उतारा दिया। मास्टर माइंड भतीजा तो नहीं पकड़ा गया है, लेकिन पुलिस ने एक आरोपी तरुण उर्फ घोड़ा को गिरफ्तार कर लिया है। यह पेशेवर चोर है।
उसने पुलिस को पूरी घटना बयां की है। पूरी प्लानिंग मृतक के भतीजे सचिन पाल ने बनाई थी। इसमें मोनू भी शामिल था। घोड़ा ने बताया कि शनिवार-रविवार दरमियानी रात चोरी के इरादे से ही घर में पीछे के रास्ते से दाखिल हुए थे। जब चोरी कर रहे थे तो सबसे पहले मौसी सरोज की नींद खुली। उस पर चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद मौसा और बहन की नींद खुल गई। उनकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई।
ऐसे खुला मामला
मुरार के अल्पना टॉकीज के पास रहने वाले जगदीश पाल (60), उसकी पत्नी सरोज और बेटी 11 वर्षीय कीर्ति पाल की हत्या कर दी गई थी। मास्टर माइंड जगदीश के साढू का बेटा सचिन पाल निकला है। हत्या के बाद पुलिस काफी हाथ पैर मार रही थी। तभी घटना स्थल के पास रहने वाले एक पड़ोसी ने पुलिस को आसान सा क्लू दिया। उसने बताया कि मृतक के घर के सामने ही उसका साढू रहता है। साढू तो दिख रहा है, लेकिन उसका बेटा सचिन इतने बढ़े हत्याकांड के बाद भी नजर नहीं आ रहा।
इसके बाद पुलिस ने सचिन की छानबीन शुरू की। पता लगा कि कुछ दिन से सचिन के पास गोहद निवासी मोनू और जनकगंज निवासी तरुण उर्फ घोड़ा का उठना बैठना था। पुलिस ने जब इनकी हिस्ट्री खंगाली तो पता लगा कि घोड़ा पेशेवर चोर है। मोनू और घोड़ा की तलाश की तो यह भी घरों से गायब मिले। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी की। बुधवार सुबह गिरवाई से तरुण उर्फ घोड़ा पुलिस के हाथ लग गया। उसके हाथ में आते ही ब्लाइंट ट्रिपल मर्डर को खुलने में जरा भी देर नहीं लगी।
घोड़ा बोला- हत्या का नहीं था इरादा
तरुण उर्फ घोड़ा पकड़ा जा चुका है। मोनू और सचिन पाल की तलाश में दबिश दी जा रही है। घोड़ा के पास से पुलिस ने ढाई किलो चांदी, करीब 2 तोला सोना, कुछ नकदी बरामद कर ली है। घोड़ा बोला है कि उनका इरादा हत्या का बिल्कुल भी नहीं था। सचिन ने बताया था कि उसके मौसा के यहां मोटा माल मिलेगा। पर हमें नहीं पता था कि वह जाग जाएंगे और हमें हत्या करनी पड़ेगी। हम तो चोरी के इरादे से अंदर गए थे। वहां से कुछ 3 लाख का माल मिला है और हमारे हाथ से तीन हत्या हो गई हैं।
पहचान हो जाती, इसलिए हत्या करनी पड़ी
रात करीब 1.30 बजे घर में पीछे के रास्ते से तीनों दाखिल हुए। जब वारदात को अंजाम दे रहे थे तभी सचिन की मौसी सरोज की नींद खुल गई। उसने एक आरोपी के बाल पकड़ लिए। इसके बाद सचिन ने ही मौसी की चाकू मारकर हत्या की। घटना के बाद मृतका के हाथ में कुछ बाल भी फोरेंसिक टीम को मिले हैं। जब सरोज को चाकू मारे तो उसी कमरे में सो रहे जगदीश पाल और कीर्ति की भी नींद खुल गई। उन्होंने सचिन को पहचान लिया। इसके बाद उन दोनों के गले घोंटकर हत्या कर दी गई।
गोहद और भितरवार में पुलिस टीम रवाना
पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपी घोड़ा ने सचिन व मोनू के गोहद और भितरवार में होने की जानकारी दी है। इसका पता चलते ही पुलिस की दो टीमें फरार आरोपियों की तलाश में रवाना हो गई है और पुलिस अफसरों का मानना है कि आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।