पिछले साल के मुकाबले 25 फीसद बढ़ी गणेश प्रतिमाओं की मांग

Sep 05 2021

ग्वालियर। कोरोना के कारण पछले साल 2020 में गणेशोत्सव के लिए प्रतिमाओं की मांग में 50 फीसद से अधिक की गिरावट आई थी, मगर यह साल बीते साल के मुकाबले कुछ बेहतर है। मूर्तिकारों के मुताबिक इस साल बीते साल के मुकाबले 25 फीसद मांग गणेश प्रतिमाओं की बढ़ी है। भलें प्रशासन ने गणेशोत्सव के चल समारोह, भव्य पंडाल एवं अधिक भीड़ वाले आयोजनों की मंजूरी नहीं दी है। बावजूद इसके मूर्तिकार न केवल 2-3 फीट की गणेश प्रतिमाएं निर्मित कर रहे हैं। बल्कि आदमकद (6 फीट) से लेकर 10 से 15 फीट तक ऊंची प्रतिमाएं भी मूर्तिकारों द्वारा तैयार की जा रही हैं। वहीं मूर्तियों की कीमत में भी लागत बढऩे के कारण इजाफा हो गया है। 
लक्ष्मीगंज में गणेश प्रतिमा बनाने वाले मूर्तिकार राकेश नागवंशी ने बताया कि वे 5-6 फीट की गणेश प्रतिमा ही तैयार कर रहे हैं, जिनके सर्वाधिक आर्डर हैं। हालांकि कई मूर्तिकार 15 फीट तक की मूर्तियां भी तैयार कर रहे हैं। पिछले साल से बेहतर हालात कारोबार के लिहाज से हैं। कोरोना के कारण साल 2020 में कारोबार में 50 फीसद से अधिक गिरावट आ गई थी, मगर अब अन्य सालों के मुताबले 75 फीसद तक व्यापार होने की पूरी उम्मीद है। हालांकि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के कारण इस साल भी काम प्रभावित हो रहा है। कीमतों में भी इजाफा हो गया है। 2019 में जो 6 फीट की जो प्रतिमा 10 हजार रुपये में देते थे, वह अब 16 हजार तक की हो गई है। 100 रुपये से मूर्तियों की कीमत शुरू होती है। प्रतिमाओं के निर्माण की लागत बढ़ गई है। क्योंकि जो घास की ट्राली पहले तीन हजार में आती थी, वह अब 4500 रुपये में आ रही है। 6 हजार की मिट्टी की ट्राली 9 हजार की हो गई है, श्रृंगार का सामान भी महंगा हो गया है।
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गणेश चतुर्थी 10 सितंबर से प्रांरभ हो रहे हैं। 19 सितंबर को 10 दिवसीय उत्सव के बाद अनंत चतुर्थी मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि भाद्रपद माह में सबसे बड़ी विनायक चतुर्थी आती है। गणेशोत्सव का प्रथम दिन भगवान गणेश के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसे विनायक चतुर्थी या गणेश चौथ के नाम से भी जाना जाता है। अत: इस त्यौहार को विनायक चतुर्थी भी बोला जाता है। विनायक गणेश चतुर्थी शुक्ल पक्ष के 9-10 सितंबर की मध्य रात्रि 12:18 से प्रारंभ होकर 10 सितंबर की रात 9:57 बजे तक रहेगी।
गणेश प्रतिमा को किस दिशा में करें स्थापित
गणेश स्थापना के लिए दिशा और जगह की शुद्धता का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है। श्री गणेश की प्रतिमा पूर्व दिशा या ईशान कोण में स्थापित करना चाहिए और मिट्टी के गणेश स्थापित करने से पृथ्वी मां का भी आशीर्वाद मिलता है। ज्योतिष के मुताबिक मिट्टी पंच तत्व में भी शामिल है। लिहाजा मिट्टी के गणेश के ही स्थापना करें।