पहले दिन 18 से 20 फीसदी छात्र पहुंचे स्कूल , छात्र बोले- इतने दिन बाद अपने स्कूल आए, दोस्तों से मिले अच्छा लग रहा है

Sep 01 2021

ग्वालियर। 6वीं से 8वीं तक के स्कूल खुल गए हैं। पहले दिन बच्चे स्कूल तो आए, लेकिन अभिभावक उनको स्कूल भेजने में असमनजस में नजर आए। पहले दिन 20 प्रतिशत के लगभग ही छात्र स्कूल पहुंचे हैं। बच्चों के साथ पैरेंट्स भी स्कूल आए हैं। उन्होंने पहले स्कूल में कोविड गाइडलाइन के पालन पर स्कूल प्रबंधन से चर्चा की है। क्लास में बच्चों के बैठने की व्यवस्था को समझा है। उसके बाद अपना सहमति पत्र स्कूल प्रबंधन को सौंपा और बच्चों को क्लास तक छोड़ा है। स्कूल प्रबंधन ने भी बच्चों के बैठने की पूरी व्यवस्था की थी। एक बेंच पर एक ही स्टूडेंट को बैठाया गया है। 6वीं, 7वीं और 8वीं के छात्र तो 18 महीने बाद स्कूल लौटे हैं। ऐसे में अपने पुराने दोस्तों से मिलकर और स्कूल में ऑफलाइन पढ़ाई करके काफी खुश नजर आए हैं। 
पदमाराजे शासकीय कन्या विद्यालय पर तो यहां गेट पर ही छात्रों को सैनिटाइज करने के लिए स्टाफ तैनात नजर आया। इसके बाद थर्मल गन से स्क्रीनिंग की गई। बॉडी का ताप लेने के बाद अंदर क्लास में सोशल डिस्टेंस के साथ क्लास शुरू की गई हैं। इसी तरह प्राइवेट स्कूल में भी पूरी सुरक्षा के साथ बच्चों की क्लासेस शुरू की गई हैं।
पदमाराजे विद्यालय में कक्षा 6वीं की छात्रा काजल श्रीवास्तव का कहना है कि उनको लम्बे समय बाद क्लास में आना बहुत अच्छा लग रहा है। ऑनलाइन क्लासेस चल रही थीं, लेकिन ऑफलाइन क्लासेस का अपना अलग ही मजा है। यहां पुराने दोस्त भी मिले हैं। इससे हमें आगे पढ़ाई में काफी मदद मिलेगी।
पदमा विद्यालय में 7वीं की छात्रा अंजली राठौर ने बताया कि उनको स्कूल में आकर काफी अच्छा लग रहा है। कोरोना से उनकी काफी पढ़ाई का नुकसान हुआ है। मां-पापा ने बताया है कि बीच-बीच में हैंड सैनिटाइज करते रहना। किसी के पास नहीं बैठना और दूरी बनाकर रखना। ऑफलाइन क्लासेस का मजा ही अलग है।
ग्वालियर में 1750 स्कूल, 1.40 लाख विद्यार्थी हैं
ग्वालियर में सरकारी और प्राइवेट स्कूल मिलाकर छटवीं से लेकर मिडिल तक के 1750 स्कूल हैं। इनमें लगभग 1.40 लाख विद्यार्थी पढ़ते हैं। अभी तक छात्रों के लिए ऑनलाइन क्लासेस चल रहीं थीं। पर बुधवार से ऑफलाइन क्लासेस 50 फीसदी क्षमता के साथ शुरू हो गई हैं। ऐसे में स्कूल प्रबंधन में उत्साह है और स्कूल में अपने स्तर पर ही सारे इंतजाम किए जा चुके हैं। जिन स्कूलों में मीडिल के साथ हाई स्कूल या हायर सेकेंड्री हैं वहां तो पहले से ही कोविड के सारे इंतजाम है। इसलिए ज्यादा परेशानी नहीं आई।
सरकारी स्कूलों में 1450 शिक्षक हैं
ग्वालियर के सरकारी स्कूलों में 1450 शिक्षक हैं। शिक्षा विभाग का दावा है कि 95 फीसदी से ज्यादा का वैक्सीनेशन हो चुका है, यही स्थिति प्राइवेट स्कूलों में भी है। प्राइवेट स्कूलों में 6 हजार से ज्यादा 6वीं से 8वीं तक की क्लासेस के शिक्षक हैं। जिला शिक्षाधिकारी विकास जोशी का कहना है कि स्कूलों में तैयारी पूरी करने के बाद ही उन्हें खोला गया है। इसके लिए जरूरी बैठक भी की गई थी। स्कूल खुलने के साथ ही इनका निरीक्षण भी कराया जा रहा है। जहां जो कमी निकलकर आ रही है उसे दूर किया जा रहा है।
46 गांव के स्कूलों में कैसे लगेंगी क्लासेस
अगस्त के पहले दो दिन आई अंचल में बाढ़ के कारण ग्वालियर-डबरा के 46 गांव के हजारों लोग बाढ़ की चपेट में आए थे। यहां गांव में कई शासकीय स्कूल जर्जर हो गए हैं तो कहीं राहत कैंप बनाए गए हैं। ऐसे में यहां किस स्कूल खुलेंगे। इसका जवाब किसी के पास नहीं है। यहां 1 सितंबर से स्कूल नहीं खुलेंगे। न तो यहां के बच्चों की स्थिति पढऩे लायक है न ही जर्जर भवन में स्कूल लगाने की रिस्क शिक्षा विभाग या जिला प्रशासन ले सकता है।
30 मिनट लंच टाइम
कोरोना गाइडलाइन के अनुसार 30 मिनट का लंच हुआ। इस दौरान बच्चों ने कक्षा में ही बैठकर शारीरिक दूरी का पालन करते हुए लंच किया। साथ ही टीचर का विशेष ध्यान रहा कि वह खाना शेयर न करें।
क्लास के बाहर हैंडवाश
हर कक्षा के बाहर सैनिटाइजर और हैंडवाश की व्यवस्था की गई थी। प्रत्येक हैंडवाश प्वाइंट पर सिर्फ 10 विद्यार्थी ही हैंडवाश करें, इस प्रकार का इंतजाम किया गया था। जिससे एक जगह पर अधिक बच्चे एकत्रित न हो सकें। स्कूल में विद्यार्थी के आने से पहले और जाने के बाद दो बार पूरे स्कूल को सैनिटाइज किया गया।
स्कूल प्रबंधन का कहना
स्कूल में 6वीं से लेकर 12वी तक की क्लासेस लग रही हैं। 6वीं से 8वीं तक करीब 20 प्रतिशत बच्चे आए हैं। सभी के पैरेंट्स से सहमति पत्र लिए गए हैं। जो बच्चे उपस्थित नहीं हुए हैं उनसे भी बात की जा रही है। स्कूल में 21 टीचर हैं उनमें से 19 टीचर को वैक्सीन के दोनों डोज लग चुके हैं। इसलिए उनको स्कूल बुलाया गया है। दो टीचर ने पहला ही डोज लगवाया है इसलिए अभी उनको स्कूल नहीं बुलाया जा रहा है।
अशोक कुमार, प्रचार्य पदमाराजे
स्कूल में बच्चों के आने से लेकर बैठने तक की व्यवस्था कोविड गाइड लाइन के आधार पर की है। हर बच्चे का अपने बच्चों की तरह ख्याल रख रहे हैं उसकी वीडियोग्राफी भी करा रहे हैं। जिससे पैरेंट्स को दिखा सकें कि उनके बच्चे किस तरह सुरक्षित हैं।
मनोज शर्मा, संचालक प्राइवेट स्कूल