भारतीय टेलीविजन पर पहली बार महादेव के बाल रूप की कहानी एण्डटीवी के शो ‘बाल शिव‘ में
Aug 30 2021
ज़ी स्टूडियोज़ द्वारा निर्मित इस शो में कई बेहतरीन कलाकारों ने अभिनय किया है। इसमें आन तिवारी ‘बाल शिव‘ के रूप में, मौली गांगुली ‘महासती अनुसुइया‘ के रूप में, सिद्धार्थ अरोड़ा ‘महादेव‘ के रूप में, शिव्या पठानिया ‘देवी पार्वती‘ के रूप में, कृप कपूर सूरी ‘असुर अंधक‘ के रूप में, प्रणीत भट्ट ‘नारद मुनि‘ के रूप में, दानिश अख्तर सैफी ‘नंदी‘ के रूप में, दक्ष अजीत सिंह ‘इंद्र‘ के रूप में, अंजिता पूनिया ‘इंद्राणी‘ के रूप में, रवि खानविलकर ‘आचार्य दंडपानी‘ के रूप में, राजीव भारद्वाज ‘ऋषि अत्री‘ के रूप में और पल्लवी प्रधान ‘मैना देवी‘ के रूप में नजर आयेंगे।
इस शो का प्रसारण 31 अगस्त, 2021 को रात 8 बजे से हर सोमवार से शुक्रवार एण्डटीवी किया जायेगा
राष्ट्रीय, 23 अगस्त, 2021:- पौराणिक कहानियां हमेशा से ही दर्शकों के बीच लोकप्रियता और आकर्षण का केन्द्र रही हैं। इन कहानियों से उनमें उम्मीद की एक किरण जगती है और दिशा मिलती है। विभिन्न देवी-देवताओं की कथाओं के बीच, भगवान शिव की रोचक कहानियों ने सभी उम्र के लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यूं तो, भगवान शिव और उनके अलग-अलग अवतारों की कई दिलचस्प कहानियां प्रचलित हैं, लेकिन उनका एक अवतार ऐसा भी है जिसके विषय में न तो ज्यादा बात की गई है और न ही उसे कभी दिखाया गया है और यह है उनका बाल रूप। यही वजह है कि एण्डटीवी भारतीय टेलीविजन पर पहली बार भगवान शिव के बाल रूप की अनकही और अनसुनी कहानी अपने नए माइथोलॉजिकल शो ‘बाल शिव‘ में प्रस्तुत कर रहा है।
ज़ी स्टूडियोज द्वारा निर्मित, इस शो में कई प्रतिभाशाली कलाकार नजर आयेंगे। इनमें आन तिवारी ‘बाल शिव‘ के रूप में, मौली गांगुली ‘महासती अनुसुइया‘ के रूप में, सिद्धार्थ अरोड़ा ‘महादेव‘ के रूप में, शिव्या पठानिया ‘देवी पार्वती‘ के रूप में, कृप कपूर सूरी ‘असुर अंधक‘ के रूप में, प्रणीत भट्ट ‘नारद मुनि‘ के रूप में, दानिश अख्तर सैफी ‘नंदी‘ के रूप में, दक्ष अजीत सिंह ‘इंद्र‘ के रूप में, अंजिता पूनिया ‘इंद्राणी‘ के रूप में, रवि खानविलकर ‘आचार्य दंडपानी‘ के रूप में, राजीव भारद्वाज ‘ऋषि अत्री‘ के रूप में और पल्लवी प्रधान ‘मैना देवी‘ के रूप में नजर आयेंगे।
इस शो में मां महासती अनुसइया और बेटे, बाल शिव के अटूट प्रेम की एक अनकही पौराणिक कथा दिखायी जायेगी। भगवान शिव ने कई अवतार लिये, लेकिन कभी भी बाल रूप और मां की ममता का आनंद नहीं पाया। भगवान शिव को अनंत और अजन्मा माना जाता है और ऐसी मान्यता है कि देवी पार्वती के साथ उनके विवाह से उन्हें एक संतुलन को पाने में मदद मिली। प्रकृति और पुरुष के रूप में भगवान शिव और पार्वती एक-दूसरे के पूरक बनते हैं और एक-दूसरे को पूर्ण करते हैं। हालांकि, उनके साधु स्वभाव को देखकर, अक्सर देवी पार्वती को लगता है कि उनमें गृहस्थ जीवन की समझ नहीं है। देवी पार्वती की इच्छा को पूरा करने के लिये महादेव बाल रूप धारण करते हैं और महासती अनुसइया के एक आज्ञाकारी पुत्र बन जाते हैं। भगवान शिव, मां की ममता का अनुभव पाने और अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिये ऐसा करते हैं।
शो के बारे में बात करते हुए विष्णु शंकर, बिजनेस हेड - एण्डटीवी कहते हैं, “भारतीय पौराणिक कथाओं में असाधारण कहानियों का खज़ाना है और उनके प्रति हमारा आकर्षण असीम है। हम सभी उन्हें बचपन से कई बार सुनते हुए बड़े हुए हैं और फिर भी हम उन्हें बार बार सुनना और देखना पसंद करते हैं । उनका आकर्षण कभी भी कम नही होता। इनमें भगवान शिव और उनके विभिन्न अवतारों की किंवदंतियां और कथाएं हैं। पर उनका एक रूप है जिसके बारे में शायद ही कभी ज्यादा बताया या फिर दीखाया गया है। वह है उनका बाल रूप। एण्डटीवी, भारतीय टेलीविजन पे पहली बार लेकर आ रहे हैं हमारे शो ‘बाल शिव’ के मध्यम से महादेव की इस बाल रूप की अनकही, अनदेखी गाथा और माँ अनुसुया के साथ उनके खूबसूरत रिश्ते की कहानी। हम अपने सभी दर्शकों और भगवान शिव के भक्तों को इस शो को देखने और आनंद लेने के लिए आमंत्रित करते हैं।“
अंशुल खुल्लर, बिजनेस हेड ज़ी स्टूडियोज़ का कहना है, ‘‘ज़ी स्टूडियोज़ को एक अनकही कहानी प्रस्तुत करते हुए बेहद खुशी हो रही है। हमें इस बात की प्रसन्नता है कि ‘बाल शिव’ शो के साथ हम एक और अनूठा कांसेप्ट प्रसारित करने जा रहे हैं। हम सब बचपन से ही भगवान शिव की कहानियां सुनते आ रहे हैं, लेकिन इस बार भारतीय टेलीविजन पर माइथोलॉजिकल की दुनिया में बाल शिव की रोचक कथा के साथ एक सराहनीय बदलाव होने जा रहा है। जिस जोश और उत्साह के साथ इस प्रोजेक्ट पर काम किया गया है वह अद्भुत है। मुझे पूरी उम्मीद है कि हमारे दर्शकों को यह कार्यक्रम पसंद आयेगा और उन्हें इन किरदारों, इस शो और बाल शिव से प्यार हो जायेगा।‘‘
बाल शिव की भूमिका निभाने की अपनी उत्सुकता जाहिर करते हुए, नन्हंे आन तिवारी कहते हैं, ‘‘मैं इस शो का हिस्सा बनकर और बाल शिव की भूमिका निभाकर बहुत खुश हूं। भगवान शिव मुझे सभी देवाताओं में सबसे ज्यादा अच्छे हैं और मैं उनकी पूजा करता हूं। मुझे उनकी स्तुतियां कंठस्थ हैं और मैं बिना किसी परेशानी के उन्हें बोल सकता हूं।‘‘
महासती अनुसुइया की भूमिका को लेकर उत्साहित मौली गांगुली कहती हैं, ‘‘इस शो में अनुसुइया महत्वपूर्ण किरदारों में से एक है। उनमें धैर्य और दृढ़ता का एक सही संतुलन है। गुरुकुल की गुरू मां होने के नाते अनुसुइया वहां के बच्चों की देखभाल अपने बच्चों की तरह करती हैं। उन्हें अच्छी शिक्षा देती हैं और उनमें अनुशासन का भाव जगाती हंै। उनकी अपनी संतान नहीं है। इसलिये, वह घोर तप करती है और उन्हें त्रिदेव की मां होने का वरदान मिलता है। अपने पति के प्रति असीम विश्वास और श्रद्धा की वजह से ही उन्हें महासती कहा जाता है।‘‘
भगवान शिव की भूमिका निभा रहे सिद्धार्थ अरोड़ा कहते हैं, ‘‘मैं दिल से इस बात को मानता हूं कि कोई भगवान शिव का किरदार को नहीं चुनता है। यह उसके पास उनके आशीर्वाद के रूप में आता है! ऐसे में यह स्वाभाविक-सी बात है कि भगवान शिव के किरदार के लिये चुने जाने पर मैं बहुत खुश हूं। अब तक दर्शकों ने जिस तरह की प्रस्तुतियां देखी हैं यह वैसा पारंपरिक रूप नहीं है। दर्शकों को इस शो में भगवान शिव का एक अलग रूप देखने को मिलेगा। मैं आध्यात्म की धरती, बनारस का रहने वाला हूं और शिवजी मेरे जीवन का अहम हिस्सा रहे हैं। मैं बचपन से ही उनकी कहानियां सुनता आ रहा हूं और मेरे परिवार में वे सबसे ज्यादा पूजे जाने वाले देवताओं में से एक हैं, खासकर मेरे। मुझे परदे पर उनका किरदार निभाने का मौका मिल रहा है, मैं इससे ज्यादा और क्या मांग सकता हूं।‘‘
देखिये ‘बाल शिव‘ 31 अगस्त 2021 से, प्रत्येक सोमवार से शुक्रवार, रात 8 बजे, सिर्फ एण्डटीवी पर
संपादक
Rajesh Jaiswal
9425401405
rajeshgwl9@gmail.com
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